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बाहरी राज्यों में भारी बारिश ने हिमाचली सेब के दामों पर फेरा पानी

Sat, 21 Aug 2021 05:00 AM IST
Krishan Singh ललित कश्यप, अमर उजाला, सोलन

सार

मंडी समिति सोलन के सचिव डॉ. रविंद्र शर्मा ने कहा कि मंडी में इस बार ओलावृष्टि से दागी हुआ सेब भी पहुंच रहा है। जिसके ग्रेड के हिसाब से दाम मिल रहे है। कई राज्यों में भारी बारिश के बाद सेब सप्लाई करना मुश्किल हो रहा है।
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हिमाचली सेब (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बाहरी राज्यों में हो रही बारिश ने हिमाचली सेब के दामों पर पानी फेरना शुरू कर दिया। महाराष्ट्र और यूपी में भारी बारिश से सड़कों में पानी भर गया है। ऐसे में वहां के कारोबारी सेब खरीद के लिए हिमाचल नहीं आ रहे हैं। इसके अलावा बाहरी राज्यों में सेब की सप्लाई भी कम हो गई है।

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इसका सीधा असर सेब के दामों पर पड़ा है। कारोबारी नहीं मिलने से बागवान अब औने-पौने दामों पर सेब बेचने को मजबूर हैं। पहले 2800 रुपये में बिकने वाली रॉयल सेब की पेटी के दाम लुढ़ककर 1700 रुपये पहुंच गए हैं। दूसरी किस्मों के सेब के दामों पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है। 

सेब मंडी सोलन और परवाणू में सेब का सीजन जोरों पर है। हर रोज दोनों मंडियों में 40 से 45 हजार सेब की पेटियां लोड और अनलोड हो रही हैं। सेब के दाम नहीं मिलने से किसानों के चेहरे उतर गए हैं। एक आंकड़े के अनुसार परवाणू और सोलन सेब मंडी में रोजाना करीब 31 करोड़ का कारोबार किया जा रहा है। जुलाई से अगस्त माह एक पहले सप्ताह तक बागवानों को सेब के अच्छे दाम मिल रहे थे।
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इस बीच सेब की एक पेटी तीन हजार रुपये तक भी बिकी है। इसी बीच बाहरी राज्यों में भारी बरसात शुरू हो गई। इस कारण हिमाचल के सेब की सप्लाई रुक गई। बाहरी राज्यों से कारोबारी भी कम यहां पहुंच रहे हैं। पहले ही ओलावृष्टि से हुए दागी सेब के बागवानों को बहुत कम दाम मिल रहे हैं। हालांकि, अनुमान लगाया जा रहा है कि मौसम साफ होते ही सेब के दामों में उछाल आएगा।

भारी बारिश के कारण गिरे दाम : डॉ. रविंद्र
मंडी समिति सोलन के सचिव डॉ. रविंद्र शर्मा ने कहा कि मंडी में इस बार ओलावृष्टि से दागी हुआ सेब भी पहुंच रहा है। जिसके ग्रेड के हिसाब से दाम मिल रहे है। कई राज्यों में भारी बारिश के बाद सेब सप्लाई करना मुश्किल हो रहा है। जिस कारण खरीदार बहुत कम सेब की खरीद कर रहे हैं। उन्होंने बागवानों से अपने उत्पाद का ग्रेड कर मंडी में लाने की अपील की है। 

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