उधर, निरमंड के जाओ में चलती कार पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से डॉक्टर की मौके पर ही मौत हो गई। शिमला के सुन्नी के जलोग गांव के डॉक्टर रोहित (28) सुबह 11 जाओ से रामपुर की तरफ जा रहे थे कि हादसे का शिकार हो गए। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
एसआई रंजीत टीम के साथ मौके पर पहुंचे और गाड़ी में फंसे शव को निकालकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा। रोहित जाओ अस्पताल में सेवारत थे। हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. जीवानंद चौहान, महासचिव डा. पुष्पेंद्र और कोषाध्यक्ष डा. प्रवीन चौहान ने बताया कि शोक ग्रस्त परिवार को एक लाख रुपये की फौरी राहत दी गई है।
सोलन के ओच्छघाट में शनिवार रात को पहाड़ दरकने से निर्माणाधीन मकान की एक मंजिल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। साथ लगते मकान में भी मलबा जा गिरा। शिमला के तकलेच में भूस्खलन के बाद चार परिवारों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है।
नेरवा में स्कूल का असुरक्षित भवन और चंबा में एक कच्चा घर गिर गया है। वहीं, मंडी के कोटरोपी में अभी भी मंडी-पठानकोट एनएच बाधित है। प्रशासन ने 31 जुलाई तक मार्ग खोलने का दावा किया है।