सूत्रों के अनुसार जगदीश सपैहिया को चेयरमैन पद से हटाने के लिए पूर्व एमडी पीसी अकेला सरकार की आंखों का तारा बन गए थे। लेकिन, कांग्रेस कार्यकाल के समय विवादों में आए 65 करोड़ के लोन की बकाया रकम को देने से मना करने के बाद अकेला की एमडी के पद से छुट्टी हो गई। इसके बाद कांगड़ा के एक मंत्री द्वारा सहकारिता मंत्री डा. राजीव सैजल को बाईपास करके आईएएस अधिकारी राखिल काहलो को बैंक के एमडी के पद पर तैनाती दी गई।
लेकिन, इस पर विवाद होने के बाद यह मामला शांता कुमार के पास पहुंच गया। फिर काहलो को हटाकर एमसी धर्मशाला के कमिश्नर संदीप कदम को केसीसी बैंक के एमडी का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया। बताया जा रहा है कि कांगड़ा के डीसी संदीप कुमार जिनके पास केसीसी बैंक के प्रशासक का अतिरिक्त कार्यभार है, वह आईएएस अधिकारी संदीप कदम से जूनियर हैं।
ऐसा चार्ज मिलने से संदीप कदम नाराज बताए जा रहे थे। इसके बाद सरकार ने कदम को एमडी के पद से हटाकर अब प्रशासक से जूनियर अधिकारी एडीसी केके सरोच को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। इस सारे माजरे में सरकार की खूब किरकिरी हो रही है।