नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) दिल्ली में 19 सितंबर को कुल्लू-मनाली के होटलों पर सुनवाई करेगा। प्रदेश सरकार की ओर से एनजीटी में अब तक 699 होटलों की जांच रिपोर्ट पेश की गई है। बुधवार को होने वाली इस सुनवाई पर होटलियरों की नजरें टिकी हुई हैं।
उल्लेखनीय है कि पांचवें चरण की रिपोर्ट में सरकार ने सबसे अधिक 578 होटलों की जांच रिपोर्ट 650 पेजों में सौंपी है। इसमें होटलों में भारी खामियों के चलते होटलियरों में हड़कंप मचा है। पर्यटन विभाग में पंजीकृत 699 होटलों में करीब 300 से अधिक होटलों में कमियां पाई गई हैं।
इसमें 1090 से अधिक होटल अवैध हैं। पंजीकृत होटलों के पास न तो होटलों को चलाने के लिए पर्यटन विभाग की अनुमति है और न ही प्रदूषण बोर्ड, आईपीएच-टीसीपी का एनओसी है। जिन होटलों के पास अनुमति है, वे सरकार को चकमा दे रहे हैं।
टैक्स चोरी के लिए होटलों में कमरों की संख्या कम दर्शायी गई है जबकि जांच में होटलों में कमरों की संख्या दोगुना पाई गई है। यह खेल माल रोड मनाली से लेकर पूरे शहर में पाया गया है।
एडीएम कुल्लू अक्षय सूद ने कहा कि कुल्लू मनाली के होटलों की सुनवाई एनजीटी दिल्ली में 19 सितंबर को होगी। उन्होंने कहा कि एनजीटी का जो भी आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा।