दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में 25 फीसदी से कम परीक्षा परिणाम देने वाले टीजीटी के खिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं होने पर शिक्षा सचिव ने कड़ा संज्ञान लिया है। शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को जल्द शिक्षकों को सूचीबद्ध कर इंक्रीमेंट रोकने के आदेश दिए हैं।
बोर्ड परीक्षाओं में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों के खिलाफ उच्च शिक्षा निदेशालय ने बीते दो माह से कार्रवाई करने की प्रक्रिया चलाई हुई है। जमा दो कक्षा को पढ़ाने वाले 38 शिक्षकों की निदेशालय इंक्रीमेंट रोक चुका है।
इन दिनों 50 फीसदी से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों की सूची बनाई जा रही है, लेकिन प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने अभी तक इस संदर्भ में कोई भी कदम नहीं उठाया है।
निदेशालय के अधिकारी सरकार की नीति होने के बावजूद इस बाबत उच्च अधिकारियों के आदेशों के इंतजार में है। उधर, शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला लिया है।
ऐसे में विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इस बाबत अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं की है। इसको लेकर जवाबतलबी की जाएगी।