जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने शनिवार को सांविधानिक (अनुसूचित जनजाति) आदेश (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2023 के कार्यान्वयन और सिरमौर जिले के ट्रांसगिरि क्षेत्र के हाटी को अनुसूचित जनजाति के रूप में अधिसूचित करने के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हाटी समुदाय को एसटी दर्जा शीघ्र प्रदान करने को प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार ही ओर से ट्रांसगिरि क्षेत्र के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के संबंध में अधिसूचना जारी की गई, लेकिन इस अधिसूचना में अस्पष्टता के चलते प्रदेश सरकार ने केंद्र से स्पष्टीकरण मांगा है। केंद्र की ओर से संपूर्ण हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया गया है।
अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अन्य वर्ग भी शामिल हैं। जगत सिंह नेगी ने कहा कि कुछ वर्ग ऐसे हैं जो पूर्व में चली आ रही व्यवस्था का हिस्सा बना रहना चाहते हैं। केंद्र की ओर से सभी को अनुसूचित जनजाति के दायरे में लाया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया है ताकि हाटी समुदाय की समस्याओं और मांगों को लेकर शीघ्र समाधान निकला जा सके। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने जनजातीय विकास विभाग से कानूनी प्रावधानों के तहत हाटी समुदाय के लोगों को अनुसूचित जनजाति का प्रोविजनल सर्टिफिकेट प्रदान करने के विकल्प तलाशने को कहा, ताकि उन्हें अनुसूचित जनजाति के तहत मिल रही सुविधाएं सुलभ हाें।
बैठक में रेणुका जी से विधायक विनय कुमार, सचिव विधि शरद कुमार लगवाल, केंद्रीय हाटी समिति के अध्यक्ष अमीचंद कमल, गिरिपार अनुसूचित जाति अधिकार संरक्षण समिति के अध्यक्ष अनिल मंगेट, अन्य पिछड़ा वर्ग संगठन के अध्यक्ष धर्मपाल मौजूद रहे।