फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच गए! सिंघी-राही पर मेहरबान हुई सरकार

Thu, 22 May 2014 11:01 PM IST
राजेश मंढोत्रा/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस चार्जशीट के आधार पर अब तक 10 केस दर्ज कर चुकी राज्य सरकार ने पूर्व बागवानी मंत्री सिंघी राम और शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष बीआर राही पर मेहरबानी दिखाई है।
विज्ञापन


फर्जी सर्टिफिकेट मामले में इन पर दर्ज केस को करीब 6 साल बाद एडवांस स्टेज पर वापस लिया जा रहा है।

दो दिन पहले ही गृह विभाग ने यह मंजूरी दी है, हालांकि शीर्ष अफसर आधिकारिक पुष्टि से इनकार कर रहे हैं।

पब्लिक प्रोसीक्यूटर की नजर में केस कमजोर

अब अभियोजन विभाग धर्मशाला के जिला एवं सत्र न्यायालय में इस बारे में आवेदन दायर करेगा। इस केस में गवाहों के बयान हो चुके हैं और अब कोर्ट को तय करना है कि वह राज्य सरकार के इस फैसले से सहमत है या नहीं?

गृह विभाग के सूत्र कहते हैं कि केस वापस लेने के लिए दो तर्कों को आधार बनाया गया। एक तो एसिस्टेंट पब्लिक प्रोसीक्यूटर यानी सरकारी वकील की नजर में केस कमजोर है।

दूसरा इस केस के लिए जरूरी जमा दो का मूल प्रमाण पत्र जांच एजेंसी को नहीं मिला।
विज्ञापन

राही के अध्यक्ष रहते बना था फर्जी सर्टिफिकेट

वर्ष 2008 से पहले बीआर राही जब स्कूल शिक्षा बोर्ड में अध्यक्ष थे, तो रामपुर से विधायक एवं बागवानी मंत्री सिंघी राम की बेटी के नाम जमा दो का फर्जी सर्टिफिकेट तैयार हुआ।

इसमें 90 फीसदी अंक दिए गए और इसके आधार पर मंत्री की बेटी को दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कालेज में एडमिशन मिल गया।

केस में आईपीसी की धारा 420, 468, 471 और 120 बी लगी थी और अक्तूबर 2008 में कोर्ट में चार्जशीट दायर हुई। पहली गिरफ्तारी बोर्ड के पूर्व उप सचिव एसके मल्होत्रा की हुई थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें