प्रदेश की 93 तहसीलों, सब तहसीलों में बंदरों को एक वर्ष की अवधि के लिए वर्मिन घोषित किया था। इसमें मंडी जिले की 10 तहसीलें, सब तहसीलें शामिल थीं। 22 अप्रैल 2021 को यह समाप्त हो चुकी है।
हिमाचल में बंदरों को फिर से वर्मिन घोषित करने का मामला हिमाचल सरकार ने केंद्र वन मंत्रालय से उठाया है। इसमें एक साल की अनुमति मांगी गई है। वन मंत्री राकेश पठानिया ने यह जानकारी विधायक प्रकाश राणा की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश की 93 तहसीलों, सब तहसीलों में बंदरों को एक वर्ष की अवधि के लिए वर्मिन घोषित किया था। इसमें मंडी जिले की 10 तहसीलें, सब तहसीलें शामिल थीं। 22 अप्रैल 2021 को यह समाप्त हो चुकी है। 9 जंगली जानवरों एवं पक्षियों सुअर, सेहल, सांभर, चीतल, खरगोश, गीदड़, बंदर, तोता, एवं नील गाय को फसलों को नुकसान पहुंचाने वाली प्रजातियां घोषित की हैं। जोगिंद्रनगर वन मंडल क्षेत्र में 2726 बंदरों की नसबंदी की गई है।