उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह की गैरहाजिरी में ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि यह योजना प्रदेश के लिए बहुत जरूरी है। मार्च 2022 में इसकी समयावधि पूरी होने वाली है। केंद्र सरकार के समक्ष यह मामला उठाया गया है। अब सरकार को इस बाबत प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए केंद्र सरकार की ओर से संचालित उद्योग विकास योजना को पांच साल के लिए और बढ़ाने को प्रदेश सरकार सदन की ओर से प्रस्ताव भेजेगी। गुरुवार को विधायक बलवीर सिंह की ओर से नियम 101 के तहत रखे गए संकल्प प्रस्ताव पर उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह की गैरहाजिरी में ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि यह योजना प्रदेश के लिए बहुत जरूरी है। मार्च 2022 में इसकी समयावधि पूरी होने वाली है। केंद्र सरकार के समक्ष यह मामला उठाया गया है। अब सरकार को इस बाबत प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।
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संकल्प प्रस्ताव पर विपक्ष के विधायकों की गैर मौजूदगी में भाजपा के चार विधायकों जीतराम कटवाल, होशियार सिंह, परमजीत सिंह पम्मी ने भी अपने विचार रखे। सभी विधायकों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय प्रदेश को मिले औद्योगिक पैकेज को याद करते हुए कांग्रेस सरकार के समय पैकेज अवधि घटाने की निंदा की। जवाब में ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश में प्रस्तावित नई औद्योगिक इकाइयों व पर्याप्त विस्तार करने वाली इकाइयों के लिए औद्योगिक विकास योजना 2017 की घोषणा अप्रैल 2018 में हुई थी। प्रदेश में अवस्थित जैव प्रौद्योगिकी तथा 10 मेगावाट तक जल विद्युत उत्पादन इकाइयां भी इस योजना की पात्र हैं।
योजना 31 मार्च 2022 तक प्रभावी रहेगी। योजना में औद्योगिक इकाइयों को ऋण प्राप्त करने के लिए केंद्रीय पूंजी निवेश प्रोत्साहन पांच करोड़ रुपये तक की ऊपरी सीमा के साथ संयंत्र व मशीनरी में पात्र निवेश के तीस प्रतिशत के हिसाब से प्रोत्साहन दिया जा रहा है। केंद्रीय व्यापक बीमा राज सहायता के तहत वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की तारीख से पांच वर्ष की अधिकतम अवधि के लिए भवन परिसरों तथा संयंत्र एवं मशीनरी के बीमा पर 100 प्रतिशत बीमा प्रीमियम की प्रतिपूर्ति भी भारत सरकार की ओर से करवाई जा रही है। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भी इस योजना को लेकर गंभीर है। केंद्र सरकार के समक्ष लगातार इस मामले को उठाया जा रहा है।