सेब के बाद हिमाचल रैबिका और रॉबेस्टा किस्मों की कॉफी भी उगाएगा। मंडी, कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों में करीब दस हेक्टेयर भूमि पर इस साल ट्रायल के तौर पर कॉफी के पौधे लगाए जाएंगे। सरकार ने पालमपुर में पौधों की नर्सरी तैयार की है।
यहीं से पांचों जिलों के बागवानों को कृषि विभाग मुफ्त पौधे देगा। निचले हिमाचल में 35 डिग्री तक तापमान कॉफी उत्पादन के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। तकनीकी अधिकारी (चाय) ईएस कंवर ने बताया कि हिमाचल में कॉफी की पैदावार की भरपूर संभावना है।
आम के बगीचों में पैदा हो सकती है कॉफी- यहां आम के बगीचों में भी खाली जगह पर कॉफी के पौधे लगाकर पैदावार की जा सकती है। एक हेक्टेयर भूमि पर 1700 से 1800 किलोग्राम कॉफी बीन्स तैयार होते हैं। बाजार में एक किलोग्राम कॉफी बीन्स की कीमत 300 से 350 रुपये तक है।
मंडी के द्रंग, सदर ब्लॉक में बांटे पौधे- मंडी जिला कृषि उप निदेशक आरके कौंडल ने बताया कि कॉफी की खेती से बागवान अच्छी आमदनी कर सकते हैं। इस साल मंडी जिले में 40 बीघा भूमि पर कॉफी की खेती का ट्रायल किया जाएगा। द्रंग और सदर ब्लॉक में कॉफी के पौधे बांट दिए गए हैं।