हिमाचल प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की कंप्यूटर फीस माफ करने की तैयारी है। छठी से 12वीं कक्षा तक पढ़ाए जाने वाले इस वैकल्पिक विषय की हर महीने प्रति विद्यार्थी 110 रुपये फीस ली जाती है। वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में सरकार इसके लिए प्रावधान करेगी। वित्त और योजना विभागों ने अब इस पर कसरत शुरू कर दी है। सरकार के इस सैद्धांतिक निर्णय से सूबे के लाखों छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। बुधवार को जारी हुए जेसीसी बैठक के मिनट्स में इसकी जानकारी दी गई है। बीते दिनों हुई जेसीसी की बैठक में यह मामला उठा था। कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा था कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर विषय को वैकल्पिक विषय के तौर पर पढ़ाया जा रहा है। इसके लिए प्रतिमाह विद्यार्थियों से 110 रुपये की फीस ली जाती है। गरीब परिवारों से संबंधित विद्यार्थी इस फीस को चुकाने में असमर्थ होने के चलते डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा लेने से छूट रहे हैं। ऐसे में 110 रुपये की कंप्यूटर फीस को माफ किया जाए।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे विज्ञान शिक्षकों को मिलने वाले प्रैक्टिकल अलाउंस को 150 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये करने का मामला भी बैठक में उठा। अलाउंस को बीते बीस वर्षों से नहीं बढ़ाया गया है। इस पर शिक्षा विभाग ने मामले को वित्त विभाग से उठाने की बात कही है।
उद्योग विभाग में माइनिंग गार्ड के भर्ती एवं पदोन्नति नियम फोरेस्ट गार्ड की तर्ज पर बनाने की मांग उठी। सरकार ने इस मांग को लेकर पे स्केल जारी होने के बाद विचार करने का आश्वासन दिया है। इन दोनों श्रेणियों का कामकाज एक तरह का होने पर माइनिंग गार्ड के लिए भी फारेस्ट गार्ड की तर्ज पर पे स्केल देने की मांग हुई है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्परों को 18 हजार रुपये का न्यूनतम वेतन देने मामला भी जेसीसी बैठक में उठा था। इसको लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा करने के बाद फैसला लेने की सहमति बनी है। इसी तरह शिक्षा विभाग में सेवारत पार्ट टाइम वाटर कैरियर और इनसे संबंधित अन्य श्रेणियों को नियमित करने का मामला भी मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार पूरा करने की बात जेसीसी के मिनट्स में कही गई है।