राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि मैं राजभवन में सुख-सुविधा भोगने नहीं आया हूं। एक जिम्मेदार नागरिक की तरह देश व समाज सेवा करने आया हूं। उद्योगपति सरकार व देश की रीढ़ हैं जो हजारों लोगों को रोजगार मुहैया करवाते हैं। इनकी वजह से कई घरों के चूल्हे जलते हैं। राज्यपाल सोमवार को बद्दी के निकट झाड़माजरी बीबीएनआईए सभागार में विभिन्न व्यापारी संगठनों के सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में वे चार बिंदुओं पर काम करना चाहते हैं। उन्होंने दहेज प्रथा व कन्या भ्रूण हत्या पर भी उद्यमियों से विचार साझे किए। इस दौरान आचार्य देवव्रत शिक्षक के रूप में नजर आए। उन्होंने हर पहलू को औद्योगिक विकास के साथ जोड़ते हुए उद्यमियों से सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।
इन चार बिंदुओं पर काम करेंगे राज्यपाल- प्रदेश की युवा पीढ़ी को नशे व ड्रग्स से दूर रखना
पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता व पर्यटन को बढ़ावा देना
जैविक कृषि एवं गौ पालन पर बल देना, इनसे जुड़ी संस्थाओं की तरफ उद्यमियों का ध्यानाकर्षण करना
प्रदेश को जात-पात रहित कर सभी वर्गों में सामाजिक समानता लाने पर बल देना
प्रदेश भर में बांटें डस्टबिन- राज्यपाल ने सभागार में उपस्थित सभी उद्योग संगठनों व औद्योगिक घरानों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरे प्रदेश में कूड़ा संरक्षण के लिए डस्टबिन उपलब्ध कराएं। हरेक औद्योगिक घराना सामाजिक दायित्व के तहत अपने स्तर पर भी डस्टबिन पंचायतों के माध्यम से मुहैया कराए। इससे प्रदेश में कूड़ा इधर-उधर नहीं गिरेगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रदेश का पहला मुफ्त सिलाई- कढ़ाई केंद्र शुरू- राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सोमवार को बद्दी में प्रदेश के पहले मुफ्त सिलाई-कढ़ाई केंद्र का शुभारंभ किया। प्रदेश में अपनी तरह के इस पहले केंद्र में युवतियों और महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई की मुफ्त ट्रेनिंग दी जाएगी।