शिमला शहर में 31 मार्च की रात हुड़दंगियों ने खूब हुड़दंग मचाया।
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शिमला शहर में 31 मार्च की रात हुड़दंगियों ने खूब हुड़दंग मचाया। शहर की अलग-अलग जगहों पर एक दर्जन से अधिक गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। ढली टनल के नजदीक ग्यारह गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया। कसुम्पटी में दो और नवबहार में एक गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। गाड़ियां सड़क के किनारे खड़ी थीं।
शुक्रवार सुबह वारदात का पता चल पाया। पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस भी मौके पर पहुंची लेकिन शरारती तत्वों का कोई सुराग नहीं लग पाया। पुलिस अंदेशा जता रही है कि इन वारदातों को नशेड़ियों ने अंजाम दिया होगा। 31 मार्च को शराब भी काफी सस्ती थी। इस वजह से भी शहर में वीरवार को कई जगहों पर शराबियों को हुड़दंग मचाते हुए देखा जा सकता था।
इन घटनाओं के पीछे भी इसी तरह के नशेड़ियों का हाथ हो सकता है। शिमला शहर में सुरक्षित पार्किंग की कमी है। लिहाजा लोगों को अपनी कारें सड़क के किनारे ही खड़ी करनी पड़ती हैं। कभी गाड़ी चोरी का डर और कभी नुकसान का खौफ कार मालिकों को हमेशा सताता है।
हर वार्ड में पर्याप्त सुरक्षित पार्किंग बनाने का दावा नगर निगम करता रहा है लेकिन अब तक ऐसा संभव नहीं हो पाया है। अब इस तरह की वारदात के पीछे किसका हाथ है पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
पहले भी हुई हैं ऐसी वारदातें- यह कोई पहली बार नहीं है कि शिमला में गाड़ियों के शीशे तोड़े गए हैं। इससे पहले भी यह घटनाएं हो चुकी है। शरारती तत्व केवल मस्ती के लिए गाड़ियों को नुकसान पहुंचाते हैं। गाड़ी को चोरी करने का उनका कोई इरादा नहीं रहता।