भोरंज उपचुनाव के बाद प्रदेश में तेज हुए सियासी घटनाक्रम के बीच कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बचाव में उतर आई है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर और महासचिव रामलाल ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की भोरंज उपचुनाव के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से त्यागपत्र की मांग पर हैरानी जताई है।
उन्होंने कहा कि धूमल को देश के संविधान का सम्मान करते हुए प्रदेश में जनमत का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धूमल को बहुमत से चुनी गई सरकार को चुनौती देने का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के पास पूर्ण बहुमत है और वीरभद्र सिंह सत्ता पक्ष के सर्वोच्च नेता हैं। कहा कि भाजपा और धूमल दोनों के पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है, जिससे वे मुख्यमंत्री को उनके पद से हटा पाएं।
नेताओं ने भोरंज उप चुनाव में भाजपा की जीत को सामान्य बताते हुए कहा है कि यह क्षेत्र उन्हीं का था। भोरंज के लोगों ने दिवंग्त ईश्वर दास धीमान के प्रति सहानुभूति वोट दिया है। भाजपा को इस परिणाम से अधिक उत्साहित होने की जरूरत नहीं है। कहा है कि इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा को मुंह की खानी पड़ेगी।