प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से दसवीं कक्षा तक पढ़ने वाले लाखों बच्चों को मुफ्त वर्दी के लिए अब और इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सोमवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में महाराष्ट्र की कंपनी को वर्दी आवंटन की मंजूरी दे दी गई है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कंपनी को जल्द से जल्द स्कूली बच्चों को वर्दी देने के आदेश दिए गए हैं। पहली से लेकर दसवीं तक पढ़ने वाले साढ़े सात लाख विद्यार्थियों को वर्दी दी जानी है।
महात्मा गांधी वर्दी योजना के तहत छात्रों को दो पैंट-कमीज और छात्राओं को दो सलवार-कमीज का कपड़ा दिया जाएगा। सिलाई के लिए राज्य सरकार अलग से पैसा देगी।
राज्य सरकार ने महाराष्ट्र की कंपनी को 35 करोड़ रुपये में वर्दी आवंटन का टेंडर दिया है। कैबिनेट की अंतिम मंजूरी के लिए मामला लटका हुआ था। साल 2015 की वर्दी बच्चों को अभी तक नहीं दी गई है।