हिमाचल में पहली अप्रैल से एचआरटीसी की बसों में 70 प्रतिशत अपंगता वाले व्यक्ति के साथ सफर करने वाले सहयोगी को भी निशुल्क बस सेवा मिलेगी। मंगलवार को शिमला में एचआरटीसी के निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए परिवहन मंत्री जीएस बाली ने यह घोषणा की।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप निशुल्क बस सुविधा को पहली अप्रैल से हिमाचल में लागू कर दिया जाएगा। बाली ने बताया कि निगम द्वारा संचालित हिम अन्नपूर्णा ढाबे के अच्छे परिणाम आने के चलते अब सोलन और शिमला में भी ये ढाबे खोले जाएंगे।
तारादेवी कार्यशाला, गेस्ट हाउस के स्तरोन्नत पर एक करोड़ रुपये तथा निगम के मंडी स्थित कार्यशाला की कैंटीन पर पांच लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। बाली ने बताया कि पहली अप्रैल 2015 से 18 मार्च 2016 तक की अवधि के दौरान निगम का राजस्व 557 करोड़ रुपये से बढ़कर 582 करोड़ रुपये हो गया है, जो बीते वित्त वर्ष के मुकाबले 25 करोड़ रुपये अधिक है।
उन्होंने कहा कि हुडको और पंजाब एंड सिंध बैंक से ब्याज दर कम करवाने में निगम सफल हुआ है। सीसी लिमिट से लगभग 35 लाख रुपये वार्षिक की बचत हुई है। 55 परिचालक अपने वास्तविक क्रियाशील पदों पर तैनात हुए हैं। श्रम शक्ति बचाने और राजस्व में वृद्धि के लिए प्रदेश में 22 नए स्थानों पर बुकिंग एजेंसियों का कार्य खुली निविदाओं के माध्यम से आउटसोर्स किया गया है।
इनमें से 10 स्थानों पर बुकिंग का कार्य शुरू हो चुका है। इसमें एक माह के भीतर ही राजस्व में 38 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। इस अवधि के दौरान बसों की ईंधन खपत औसत 3.63 किलोमीटर प्रति लीटर से बढ़कर 3.69 प्रति किलोमीटर हुई है। हिमाचल प्रदेश शून्य उत्सर्जन वाली बसें चलाने वाला देश का पहला राज्य बनने वाला है।
300 बसों की खरीद के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एचआरटीसी के बेड़े में महिलाओं को बेहतर प्रतिनिधित्व देने व चालक पदों पर उनकी तैनाती के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एक महिला चालक की नियुक्ति की गई है। 50 महिला परिचालकों की नियुक्ति के लिए जल्द ही विशेष अभियान चलाया जाएगा।
बैंक से ऋण लेकर देंगे पेंशन
बैठक में निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर पेंशन की अदायगी सुनिश्चित बनाने के मामले को सरकार के समक्ष उठाने का फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि दो महीने की पेंशन प्रदान करने के लिए एचपीआईडीबीआई से ऋण लिया गया है।