बिजली का करंट लगने से व्यक्ति की मौत होने पर अब सरकार चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करेगी। इसके अलावा पालतू और लावारिस जानवरों के काटने से हुई मौत पर भी मृतक के परिजनों को यह सहायता राशि मिलेगी।
पहले इस मुआवजा राशि का प्रावधान केवल ढांक और पेड़ आदि से गिर कर होने वाली मौत के लिए था। सरकार ने नई अधिसूचना जारी कर इसमें तीन अलग तरह के केसों को भी शामिल किया है।
राहत नियमावली के तहत आश्रितों को मिलने वाली यह राशि चार लाख कर दी गई हे। इस तरह के हादसे होने पर अगर आश्रित के दस्तावेजों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफआईआर आदि संलग्न नहीं है तो उन्हें भी अन्य सबूतों के आधार पर राहत दी जाएगी।
चिकित्सा प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, पंचायत प्रधान और स्थानीय लोगों के बयान के अनुसार मृत्यु के कारण स्पष्ट होने को अन्य सबूत माना जाएगा।
एसडीएम कुल्लू रोहित राठौर ने बताया कि उन्हें सरकार की ओर से राहत नियमावली के तहत जारी संशोधित अधिसूचना की कॉपी मिल गई है। प्रशासन नई अधिसूचना के तहत ही ऐसे केसों के मृतकों के आश्रितों को यह मदद मुहैया कराएगा।