डब्ल्यूडब्ल्यूई के पूर्व स्टार दलीप सिंह उर्फ द ग्रेट खली
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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर के गत्ताधार निवासी डब्ल्यूडब्ल्यूई के पूर्व स्टार दलीप सिंह उर्फ द ग्रेट खली ने कहा कि हिमाचल में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन यहां खिलाड़ियों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। प्रदेश के युवा दूसरे राज्यों में प्रैक्टिस करते हैं और देश-विदेश में नाम कमाते हैं। चंबा के युवा ने पंजाब में हॉकी की प्रैक्टिस कर देश को ओलंपिक में मेडल दिलाया। अगर वह अपने राज्य से बाहर नहीं जाता तो शायद इस मुकाम पर नहीं पहुंच पाता। अभी तक हमारे देश में आशीर्वाद के भरोसे मेडल जीतने की उम्मीद की जाती है, लेकिन आशीर्वाद भी तभी काम करेगा, जब हम मैदान में पसीना बहाएंगे।
अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि बद्दी में यूएफएल बैटल ऑफ वारियर्स में मंडी के युवा साहिल राणा भी फाइट करेंगे। वह अभी तक 14 फाइट कर चुके हैं। किसी भी फाइट में हारे नहीं हैं। वह हिमाचल के युवाओं को भी अपनी अकादमी में तैयार कर रहे हैं। कहा कि बद्दी विवि में बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल आने पर छूट दी है। वह चाहते हैं कि खेल में अगर कोई बेटी अच्छा काम करती है तो उसे भी छात्रवृत्ति मिलनी चाहिए।
हर जिले में तैयार हों इंडोर स्टेडियम
खली ने कहा कि सरकार को हर जिले में सबसे पहले इंडोर स्टेडियम तैयार करने चाहिए। अगर किन्नौर का युवा क्रिकेट अच्छा खेलता है तो उसे खेलने के लिए धर्मशाला जाना पड़ता है। इसलिए जिला स्तर पर अच्छे मैदान होना जरूरी है। छोटे स्तर पर सरकार और विभाग को प्रतियोगिताएं करवाई चाहिए। विजेता टीम को किट और ईनाम राशि देनी चाहिए। हमारे देश के युवक-युवतियों को अगर वे सुविधाएं मिलें, जो विदेशों में मिलती हैं तो यहां भी मेडल आने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने अपने जीवन के शुरुआती दौर में काफी संघर्ष किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी। यही कारण है कि आज वह इस मुकाम पर हैं।