जांच एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख एएस दुलत ने कहा कि कंधार कांड को रोका जा सकता था लेकिन समय रहते एहतियाती कदम नहीं उठाए गए। अमृतसर में जहाज पर काबू करने का पूरा मौका था। विमान में 172 यात्री थे। वन टाइम अटैक से जहाज पर काबू किया जा सकता था।
लेकिन कोई नुकसान झेलने को तैयार नहीं था। कसौली में खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में बतौर इनवाइटी पहुंचे दुलत ने कहा कि उनकी हाल ही में प्रकाशित ‘द वाजपेयी ईयर्स’ किताब में इस बात का जिक्र है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान में तनाव ठीक नहीं है। दोनों देशों को मिलकर इसका समाधान खोजना चाहिए।
भारत-पाकिस्तान दोनों बड़े और न्यूक्लियर देश हैं। उन्हें किसी माध्यम के बजाय सीधे बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से हिंदुस्तान ही नहीं पाकिस्तान भी ग्रस्त है। दोनों देशों में कई बार जंग हो चुकी है लेकिन हल कुछ नहीं निकला।