सेवानिवृत्ति के बाद भी किताबों और बागवानी में व्यस्त रहने वाले कृष्ण गोपाल बताते हैं कि एक बार वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आवास में लाइब्रेरी को निहार रहे थे तो वाजपेयी ने मानों उनका मन पढ़ लिया हो।
उन्होंने मेज पर रखी एक किताब उठाई और उनके हाथ में थमाते हुए कहा, इसे जरूर पढ़ना। कृष्ण गोपाल के मुताबिक यह पुस्तक उनके लिए बड़े पुरस्कार से कम नहीं थी।
वे महान शख्सियत की इस आत्मीयता से अभिभूत हो गए थे। मनाली के प्रीणी गांव में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का आवास एक दशक से उनकी राह देख रहा था, लेकिन बीमारी के चलते वे यहां नहीं आ सके।
गत वीरवार को दिल्ली से उनके देहावसान की खबर आई तो प्रीणी गांव में भी सन्नाटा पसर गया। प्रीणीवासियों और अटल के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान कुल्लू जिले में तैनात कई अधिकारियों के जहन में आज भी उनसे जुड़ी कई यादें ताजा हैं।