मुझ पर जानलेवा हमला करने वाला व्यक्ति परमार नाम का ही था। उसने विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार की शह पर ही जानलेवा हमला किया है। हमलावर ने पत्थर जैसी मजबूत चीज से मुझ पर प्रहार किया। उसकी मंशा 100 फीसदी मुझे मारने की ही थी। विपिन परमार ने घटनास्थल पर पूरे गुंडे इकट्ठा किए हुए थे। पूर्व विधायक जगजीवन पाल ने धर्मशाला में प्रेस वार्ता के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि हमला करने वाले व्यक्ति पर हत्या का मामला दर्ज करके उसे पकड़ा जाए, ताकि गुंडागर्दी को खत्म करने की दिशा में एक स्पष्ट संदेश जाए।
उन्होंने बताया कि रड़ा पंचायत में बिना प्रधान और पंचों को सूचना दिए मनमर्जी से किसी अनुचित स्थान पर शिलान्यास कर दिया था। इसके विरोध में पंचायत प्रतिनिधि 200 के करीब लोगों के साथ इस मनमर्जी के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से रोष जताने के लिए इकट्ठा हुए थे। उन्होंने बताया कि उस दौरान जिला परिषद सदस्य संतोष कुमारी को घसीटा और उनके लड़के को भी मारा। जब हम वहां अकेले रह गए, तो भी हमने वहां शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाही। उसी दौरान अचानक जोर से मेरे सिर पर चोट हुई। इससे मैं थोड़ा लड़खड़ाकर जमीन पर बैठ गया। हमने सोचा कि विधानसभा अध्यक्ष बड़े सम्मानित पद पर बैठे हुए हैं।
वह हमारी बात सुनने के लिए हमारे पास आएंगे। लेकिन हमारे पास आने के बजाय वह दूसरे ही रास्ते से निकल गए। उनके गुंडे वहां हॉकियां लेकर घूम रहे थे। उन्होंने कहा कि एक सवाल के जवाब में विपिन परमार ने रावण की तरह अहंकार भरे लहजे में कहा कि मैंने जो करना था, वो कर दिया। अब मुझे किसी से प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। मैंने कोई जवाब नहीं देना। उन्होंने बताया कि घटना के बाद आठ बजे सुलह के नायब तहसीलदार हमारे पास आए और कहा कि उच्च अधिकारियों ने आपसे बातचीत के लिए भेजा है। उन्होंने हमारी मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद हमें जूस पिलाकर अनशन खत्म कर दिया था।
पुलिस की भूमिका को बताया पक्षपातपूर्ण
पूर्व विधायक जगजीवन पाल ने बताया कि पुलिस की भूमिका भी पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण रही। भाजपा के लोगों को इधर-उधर जाने की पूरी छूट थी, जबकि हमारे लोगों को उन्होंने रोककर रखा हुआ था। उन्होंने बताया कि हमने हमले के बाद हमलावर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई, लेकिन उस पर कार्रवाई का अब तक कोई पता नहीं चल सका है।
सुलह में छह को होगा जोरदार प्रदर्शन
पूर्व विधायक जगजीवन ने बताया कि छह तारीख को इस घटना के विरोध में सुलह में जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हमारे विपक्ष के नेता, प्रदेशाध्यक्ष और कांगड़ा के सभी नेता सुलह के बाड़ी में 11 बजे इस घटना की भर्त्सना करने के लिए इकट्ठा होंगे। इसके एसडीएम को ज्ञापन देने के साथ-साथ थाने का भी घेराव किया जाएगा।
घटना से मेरा और भाजपा का कोई संबंध नहीं : परमार
हम गुंडागर्दी में न कभी विश्वास करते थे, न करते हैं और न कभी करेंगे। राजनीतिक लाभ के लिए इस घटना को यदि कोई मेरे या भाजपा के साथ जोड़ने का काम किया जा रहा है, तो यह एकपक्षीय तर्क है। मैं इस घटना के साथ कोई संबंध नहीं रखता हूं। इसकी मैं पूरी तरह से निंदा करता हूं। - विपिन परमार, विधानसभा अध्यक्ष