वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि हिमाचल बिहार बन गया है और शर्म आ रही है। संसदीय कार्य मंत्री ने निलंबन प्रस्ताव लाते हुए कहा कि सदन के अंदर और बाहर विपक्ष का हंगामा संविधान पर हमला है। इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन सदन में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के हंगामे पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने निलंबन प्रस्ताव लाया। शुक्रवार को सदन की कार्यवाही दोपहर बाद 12.50 पर फिर शुरू हुई। निलंबन प्रस्ताव नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस विधायक हर्षवर्धन चौहान, सतपाल रायजादा, सुंदर सिंह ठाकुर और विनय कुमार के खिलाफ लाया गया।
सदन दोबारा बुलाना पड़ा : परमार
विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के साथ जो कुछ घटित हुआ है, वह निंदनीय है। नेता प्रतिपक्ष और उनके सहयोगियों ने राज्यपाल का रास्ता रोका। नियम 346 के तहत सदन बुलाया गया है।
सीएम या हमारा रास्ता रोकते : भारद्वाज
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने निलंबन प्रस्ताव लाते हुए कहा कि विपक्ष राज्यपाल के बदले मुख्यमंत्री या मंत्रियों का रास्ता रोकते।
हिमाचल शर्मसार हुआ : गोविंद
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि विपक्ष के इस तरह के व्यवहार से हिमाचल प्रदेश शर्मसार हुआ है। वह प्रस्ताव का समर्थन करते हैं।
नेता प्रतिपक्ष के लायक नहीं : पठानिया
वन मंत्री राकेश पठानिया ने सदन में कहा कि ये नेता प्रतिपक्ष के लायक नहीं हैं। उन्होंने शर्मनाक व्यवहार किया है। प्रस्ताव का समर्थन करता हूं।
ये कांग्रेस का संस्कार है : गर्ग
खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने कहा कि यही कांग्रेस का संस्कार है। यह घटना प्रदेश के लिए शर्मनाक घटना है।
इतिहास में नहीं हुई ऐसी घटना : बरागटा
भाजपा विधायक नरेंद्र बरागटा ने कहा कि राज्यपाल के साथ ऐसी घटना पहले कभी नहीं घटी। राज्यपाल का स्वागत किया जाता है और वे दस्तावेज पढ़ते हैं।