पर्यटन नगरी कसौली में सोमवार दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे कसौली-परवाणू रोड पर लगी जंगल की आग से निजी मकानों को खतरा पैदा हो गया। कसौली के साथ लगते क्षेत्रों में वीवीआईपी शख्सियतों के बंगले होने के कारण पूरे क्षेत्र में अलर्ट हो गया। दोपहर को लगी आग छावनी अस्पताल और तहसील कार्यालय सहित कसौली कोर्ट के नजदीक पहुंच गई। हालांकि फायर कर्मचारियों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया।
आग उन क्षेत्रों के आसपास लगी, जहां से महान लेखक स्व. खुशवंत सिंह, अभिनेता राहुल बोस, पेंटर विवान सुंदरम, स्व. बीके नेहरू का हाउस, पूर्व गवर्नर सुरजीत सिंह बरनाला, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, धावक मिल्खा सिंह आदि के बंगले हैं। वहीं, शाम करीब पांच बजे मशोबरा में जंगलों में आग लगने की सूचना भी मिली। सूचना मिलते ही सेना का सायरन बज उठा।
कसौली स्थित सेना के दर्जनों जवान आग पर काबू पाने के लिए मुस्तैद हो गए। आग बड़ी जल्दी से क्षेत्र में सेना के क्वार्टरों की ओर फैल रही थी, लेकिन सेना के जवानों ने आग पर काबू पा लिया।
सेना की मिलती है मदद
कसौली छावनी में आग लगते ही सेना के जवानों की बड़ी मदद मिल जाती है। सेना के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ आग पर काबू पाने के लिए तत्पर हो जाते हैं। कसौली छावनी में पानी की बड़ी किल्लत है। इससे आग बुझाने के प्रयासों में रुकावट आती है। हालांकि छावनी होते हुए यहां किसी तरह के कोई खतरे की बात नहीं है। सैनिक आपदा की स्थिति में साहस का परिचय देती है।
कसौली में नहीं अग्निशमन केंद्र
कसौली बड़ी तेजी से विकसित हो रहा है। धर्मपुर वाला एरिया भी काफी फैल रहा है। यहां अनेकों हेरिटेज बिल्डिंग हैं। हालांकि सेना के जवान हमेशा ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए तत्पर रहते हैं। वहीं छावनी क्षेत्र से बाहर आग लगती है तो आसपास कोई अग्निशमन केंद्र न होने के चलते सोलन या परवाणू से फायर टेंडर मंगवाए जाते हैं।
ऐसे में स्थानीय लोग धर्मपुर और परवाणू के बीच अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों में छावनी उपाध्यक्ष जसप्रीत सिंह, वार्ड सदस्य देवेंद्र गुप्ता के अलावा राजीव भारती, साक्षी शर्मा, नरेंद्र कुमार, कृष्णा आदि ने कहा कि यहां ऐतिहासिक धरोहरें हैं। साथ ही आस के ग्रामीण क्षेत्र विकसित हो रहे हैं। लिहाजा कसौली में अग्निशमन केंद्र खुलना चाहिए।