हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के बाह्य सराज आनी और बंजार क्षेत्र में नकदी फसल लहसुन की बिजाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। किसानों को 10 साल में पहली बार सस्ते रेट में 70 रुपये प्रति किलो लहसुन का बीज मिला है। इससे पहले किसान 150 से 200 रुपये के हिसाब से लहसुन की खरीद करते थे। किसानों को लहसुन का बीज सस्ता मिलने से इस बार बिजाई भी अधिक हुई है। कोरोना काल के चलते किसानों ने खेतीबाड़ी पर अधिक ध्यान दिया था। इससे नगदी फसलों को बढ़ावा मिला। हालांकि, इस साल किसानों का लहसुन 50 से 60 रुपये प्रति किलो बिका। बावजूद इसके किसानों का रुझान लहसुन की खेती की ओर बढ़ रहा है। लहसुन की बिजाई के लिए अक्तूबर से 15 नवंबर तक समय उपयुक्त माना जाता है।
किसान खेम राज, बेली राम, धर्म सिंह, किशोरी लाल, हीरा लाल, निक्का राम और बालक राम ने कहा कि रघुपुर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर लहसुन की बिजाई की जाती है। किसानों ने बिजाई का काम खत्म कर दिया है। इस बार सीजन में कृषकों को लहसुन का अच्छा रेट नहीं मिला है, मगर उन्हें लहसुन का बीज पहली बार 100 से नीचे 70 रुपये किलो मिला है। केसर सिंह और खेम राज ने बताया कि कई किसानों ने दो से तीन क्विंटल तक लहसुन की बिजाई की है। किसान नगदी फसल को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जिला कुल्लू में करीब 1500 हेक्टेयर में लहसुन की खेती जाती है। सूबे में लहसुन उत्पादन के क्षेत्र में कुल्लू जिला दूसरे स्थान पर है। घाटी के बाह्य सराज आनी, बंजार, सैंज, गड़सा, मौहल, शमशी, मणिकर्ण सहित कई इलाकों में इसकी बिजाई की जाती है। उधर, कृषि विभाग के विशेषज्ञ अनिल कुमार ने कहा कि लहसुन की बिजाई के लिए अक्तूबर के बाद उपयुक्त समय है। जिले में नगदी फसल लहसुन का दायरा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। घाटी के हजारों किसान इससे जुड़े हैं।