ये हैं अमेरिका सेब की नई किस्में
अमेरिकी किस्मों में रॉयल रेड, हनीक्रस्प, सेप्टेंबर वंडर, वेजेंट गाला प्रमुख हैं। रूट स्टॉक में जनेवा-11, जनेवा-935, निग-29, बड-118, जी 11- 3935, पंजम-2 प्रमुख हैं। चेरी की किस्मों में चेलान, लैपींजा बैंटन प्रमुख हैं। नाशपाती में बाटलेट, ओल्ड होम, एफ-87 हैं। आड़ू में वैंचर, वैलिंजन स्टार, एफ-फ्यूरी किस्में शामिल हैं। ये मिट्टी, मौसम, क्षेत्र की ऊंचाई के आधार पर उगाई जा सकती हैं।
क्यों महंगे हैं अमेरिका से आयातित सेब पौधे
अमेरिका से लाए गए सेब पौधे इसलिए महंगे हैं, क्योंकि एक साल तक इन पौधों को क्वारंटीन किया जाता है, ताकि विदेश से कोई बीमारी या वायरस बगीचों में न पहुंचे। इनकी पैदावार अधिक होने के साथ-साथ गुणवत्ता और आकार अच्छा होने पर सेब की अंतरराष्ट्रीय मांग ज्यादा होती है। इस कारण सेब की कीमत भी ज्यादा होती है। इटली से जो सेब पौधे मंगवाए जाते थे, उनकी पैदावार कम होती है।
अमेरिका से आयात सेब और अन्य फलों के पौधे बीमारी रोधक और अधिक पैदावार देने वाले हैं। इनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग अधिक है। ये पौधे न लाभ न हानि आधार पर बागवानों को 700 से 7500 रुपये प्रति पौधा बेचा जाना है। ग्राफ्टिंग के बाद पौधों की कीमत सौ से डेढ़ सौ रुपये रखी जानी है। - जेपी शर्मा, बागवानी निदेशक