हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई उपमंडल के रोनहाट के रास्त गांव के खिजवाड़ी में पहाड़ी से भारी भूस्खलन के बाद आए मलबे में दबने से एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई। हादसा रविवार देर रात का है। सभी खेतों की रखवाली के लिए बनाए अस्थायी घर (दोघरी) में सो रहे थे। बारिश से कमरे की छत टपकने लगी तो दंपती अपनी तीन बेटियों और भांजी के साथ रसोई में सोने चले गए। मलबा रसोई पर गिरने से यह हादसा हुआ।
महिला ममता (27), उसकी दो बेटियों इशिता (8), ऐरंग (2) और महिला के पति प्रदीप (30) की भांजी आकांशिका (7) पुत्री तुलसीराम निवासी हलाहां, शिलाई की मौके पर ही मौत हो गई। तीसरी बेटी अलीशा (6) ने मलबे से निकालने के बाद स्थानीय अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया, जबकि महिला के पति प्रदीप की भी आईजीएमसी शिमला ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
दंपती का एक बेटा दादा-दादी के साथ मुख्य घर में सो रहा था, जिससे उन तीनों की जान बच गई। डीएसपी पांवटा साहिब बीर बहादुर ने बताया कि हादसे को लेकर मामला दर्ज कर लिया है। रात को हुए हादसे की भनक सुबह तक किसी को नहीं लगी। सुबह जब एक स्थानीय व्यक्ति वहां से गुजर रहा था तो उसे चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद उसने गांव के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। सभी ग्रामीणों ने मलबा हटाकर लोगों की जान बचाने की कोशिश की, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी गई, लेकिन रास्ते बंद होने के कारण घटनास्थल तक पहुंचना प्रशासन व राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के लिए भी मुश्किल हो गया। एसडीएम शिलाई सुरेश सिंघा ने बताया कि पीड़ित परिवार को फौरी राहत प्रदान की जा रही है।
मां और तीन बेटियों का एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
हादसे में जान गंवाने वाली मां और उसकी तीन बेटियों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। पूरा गांव इस हादसे से सदमे में है।