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पहली बार दुनिया के सामने आई बर्फ से ढकी इस खूबसूरत झील की तस्वीरें

Wed, 04 May 2016 12:23 PM IST
अशोक राणा/अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति)
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कुछ युवाओं के जुनून और हिम्मत के दम पर पहली बार घेपन झील की बर्फ में दबी तस्वीरें दुनिया के सामने आई है। ठोस बर्फ में तब्दील घेपन झील की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। बाढ़ के संभावित खतरे से बीते कुछ सालों से घेपन झील पारछू की तरह लाहौल स्पीति प्रशासन के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। - फोटो : अमर उजाला
कुछ युवाओं के जुनून और हिम्मत के दम पर पहली बार घेपन झील की बर्फ में दबी तस्वीरें दुनिया के सामने आई है। ठोस बर्फ में तब्दील घेपन झील की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। बाढ़ के संभावित खतरे से बीते कुछ सालों से घेपन झील पारछू की तरह लाहौल स्पीति प्रशासन के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
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सेटेलाइट इमेज के आधार पर जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने ग्लेशियरों के तेज रफ्तार से पिघलने के कारण घेपन झील के आकार बढ़ने के संकेत दिए हैं। इसी साल 29 फरवरी को सिस्सू गांव के कुछ युवकों ने करीब 14 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित ठोस बर्फ में तब्दील घेपन झील की तस्वीर लेकर सुर्खियां बटोरी। - फोटो : अमर उजाला
सेटेलाइट इमेज के आधार पर जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने ग्लेशियरों के तेज रफ्तार से पिघलने के कारण घेपन झील के आकार बढ़ने के संकेत दिए हैं। इसी साल 29 फरवरी को सिस्सू गांव के कुछ युवकों ने करीब 14 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित ठोस बर्फ में तब्दील घेपन झील की तस्वीर लेकर सुर्खियां बटोरी।
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दावा किया जा रहा है कि सर्दियों में पहली बार घेपन लेक तक पहुंचने वाला यह पहला दल है। दल में सिस्सू यूथ क्लब के विजय, नरेश, मनोज, नवीन, राजेश, छेरिंग, अभिनव और सुरेश शामिल रहे। - फोटो : अमर उजाला
दावा किया जा रहा है कि सर्दियों में पहली बार घेपन लेक तक पहुंचने वाला यह पहला दल है। दल में सिस्सू यूथ क्लब के विजय, नरेश, मनोज, नवीन, राजेश, छेरिंग, अभिनव और सुरेश शामिल रहे।

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दल के प्रभारी विजय ने बताया कि उन्होंने शून्य से नीचे करीब 15 डिग्री तापमान में घेपन लेक की चढ़ाई पूरी की। उन्हें वहां तक पहुंचने में दो दिन का समय लगा। विजय के मुताबिक मौजूदा हालात के मुताबिक घेपन झील से किसी तरह का कोई खतरा नहीं है। - फोटो : अमर उजाला
दल के प्रभारी विजय ने बताया कि उन्होंने शून्य से नीचे करीब 15 डिग्री तापमान में घेपन लेक की चढ़ाई पूरी की। उन्हें वहां तक पहुंचने में दो दिन का समय लगा। विजय के मुताबिक मौजूदा हालात के मुताबिक घेपन झील से किसी तरह का कोई खतरा नहीं है।
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हालांकि उन्होंने दावा किया है कि लेक से सटे ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा टूटने के कगार पर है। उनके मुताबिक घेपन लेक को साहसिक पर्यटन के रूप में विकसित करने की जरूरत है। स्थानीय विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि सोशल मीडिया पर बर्फ से लदे घेपन झील की तस्वीरों को पहली बार देखकर सुखद अहसास हुआ। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हिमालय के ऐसे गुप्त खजाने पर्यटन स्थलों को विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। - फोटो : अमर उजाला
हालांकि उन्होंने दावा किया है कि लेक से सटे ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा टूटने के कगार पर है। उनके मुताबिक घेपन लेक को साहसिक पर्यटन के रूप में विकसित करने की जरूरत है। स्थानीय विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि सोशल मीडिया पर बर्फ से लदे घेपन झील की तस्वीरों को पहली बार देखकर सुखद अहसास हुआ। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हिमालय के ऐसे गुप्त खजाने पर्यटन स्थलों को विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
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