एम्स में ईएनटी विभाग के डॉ. डार्विन कौशल व डॉ. नेहा चौहान की ओर से नर्सिंग अधिकारियों स्वाति, अपर्णा, अमृता की सहायता से पहली माइनर ओटी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के कोठीपुरा में स्थित एम्स में मंगलवार को ईएनटी विभाग ने पहला माइनर ऑपरेशन किया। ईएनटी विभाग के डॉक्टर डार्विन कौशल ने बताया कि मरीज के कान के सुनने की नस डैमेज हो चुकी थी। इसे मेडिकल इमरजेंसी में लिया जाता है। इस तरह की बीमारी मरीज के लिए खतरनाक होती है और अगर समय पर इलाज ने मिले तो मरीज जिंदगी भर के लिए सुनने की क्षमता खो देता है। कहा कि इस बीमारी के इलाज के लिए कान के अंदर एक इंजेक्शन लगाया जाता है। मरीज को कान के अंदर दूरबीन की विधि से इंजेक्शन लगाया गया और इसका उपचार सफल रहा।
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ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर नेहा चौहान के साथ नर्सिंग अधिकारी स्वाति, अपर्णा, अमृता ने भी सहयोग दिया। वहीं एम्स की लोक संपर्क अधिकारी डॉ. रूपाली ने कहा कि मंगलवार को एम्स की विभिन्न ओपीडी में 153 मरीजों की जांच की गई। इनमें 9 मरीज पुराने थे। कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि एम्स कोठीपुरा में माइनर ओटी की सुविधा से मंगलवार को मरीज का सफल माइनर ऑपरेशन किया गया। इसमें संस्थान के विशेषज्ञों और अन्य स्टाफ की भूमिका सराहनीय रही।