हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला मुख्यालय से सटी महाराजा घाटी की पंचायत शिल्ही राजगिरी के गांव जनाहल में ढाई मंजिला मकान आग की भेंट चढ़ गया। मकान जलने से दो परिवारों के नौ सदस्य बेघर हो गए हैं। आग लगने के कारणों को अभी पता नहीं लग पाया है। घटना से करीब 50 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
ढाई मंजिला मकान के छह कमरे पूरी तरह से राख हो गए हैं। ग्रामीणों ने आग लगने सूचना की दमकल विभाग को दी। लेकिन कच्ची सड़क होने के कारण दमकल विभाग का वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका। हालांकि ग्रामीणों ने मिलकर आग पर पाने की पूरी कोशिश की। लेकिन उनकी सभी कोशिशें नाकाफी साबित हुई।
जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे मकान में अचानक आग भड़क गई। आग की चिंगारियों ने देखते ही देखते पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। लकड़ी से निर्मित मकान में आग तेजी से फैल गई और पूरे गांव में अफरातफरी मच गई।
घटना में जानमाल का कोई नुकसान नहीं है। घर के भीतर रखा कुछ भी सामान बचाया नहीं जा सका। मकान को जलते देख प्रभावित परिवारों की आंखों से आंसू छलक पड़े। जीवन भर की जमा पूंजी पलभर में राख हो गई। दो परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।
उनके रहने की व्यवस्था गांव में ही की जा रही है। ग्राम पंचायत शिल्ही राजगिरी के प्रधान डोले राम ने कहा कि फतेह चंद और तेजा सिंह पुत्र रामदास के संयुक्त मकान में आग लगी है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
उधर, दमकल विभाग के अधिकारी दुर्गा सिंह ने कहा कि दूरभाष के माध्यम से जनाहल में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर रवाना हुई। लेकिन सड़क खराब होने के कारण वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका। ऐसे में दमकल विभाग पैदल ही मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। कहा कि अग्निकांड में जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है।