कुल्लू जिला मुख्यालय स्थित ब्यासा मोड़ में टीन की चादरों के एक खोखे में आग लगने से 80 साल के बुजुर्ग की जिंदा जलने से मौत हो गई। बुजुर्ग नेपाली मूल का था। खोखे में आग लगने के बाद वह बाहर नहीं निकल पाया। यहां रहने वाली 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला और युवक ने भागकर जान बचाई। यह हादसा सोमवार सुबह करीब 6:00 बजे हुआ। आग लगने के कारणों का पता नहीं चला है।
विज्ञापन
ब्यासा मोड़ में एलआईसी भवन के पास टीननुमा खोखे में नेपाली मूल का जीत राम, सोमा देवी और उनके बेटे देवराज के पास रहता था। तीनों खोखे में सो रहे थे। सुबह करीब 6:00 बजे अचानक खोखे से चिंगारी भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरे खोखे को अपनी चपेट में ले लिया। जैसे-तैसे सोमा देवी और उनका बेटा बाहर निकलने में कामयाब हो गए, लेकिन नेपाली बुजुर्ग बाहर नहीं निकल पाया। आग में झुलसकर उसकी मौत हो गई। खोखे के साथ ही फर्नीचर की दुकान है।
दमकल विभाग के कार्यालय से महज 50 मीटर दूर यह घटना हुई। सूचना मिलते ही दमकल कर्मी आग पर काबू पाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक बुजुर्ग झुलस चुका था। दमकल विभाग के कर्मियों ने आग पर काबू पाकर करीब एक करोड़ की संपत्ति को बचाया है। खोखे के साथ ही एलआईसी का भवन और फर्नीचर की दुकान हैं।
विज्ञापन
अग्निशमन विभाग के सब फायर ऑफिसर ठाकर दास ने कहा कि इस घटना में एक बुजुर्ग की जान गई है। लकड़ी, बिस्तर, टीवी और जेवरात मिलाकर करीब एक लाख की संपत्ति का नुकसान हुआ है। एक करोड़ की संपत्ति को बचाया गया है। नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर ली है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष शर्मा ने कहा कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।