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सीएम जयराम ठाकुर: मुख्यमंत्री आवास योजना में बसेगा मलाणा गांव

Fri, 12 Nov 2021 06:38 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू

सार

मलाणा पहुंचने के लिए मुख्यमंत्री को तीन किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ा। मुख्यमंत्री पथरीले रास्ते से चलने के कारण कई जगह थक गए और पत्थर पर बैठकर आराम किया। उनके साथ शिक्षा मंत्री, विधायक सुरेंद्र शौरी, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, उपायुक्त आशुतोष गर्ग, अमित सूद, कुशाल ठाकुर और एसपी कुल्लू समेत कई लोग मौजूद रहे।
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मलाणा गांव पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पिछले माह भीषण अग्निकांड से जलकर राख हुए मलाणा गांव के प्रभावित लोगों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत बसाया जाएगा। यह बात शुक्रवार को मलाणा गांव पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कही। दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र के लिए विख्यात मलाणा गांव पहुंचने वाले जयराम ठाकुर पहले मुख्यमंत्री बने हैं। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम धूमल भी 2007 में मलाणा गांव गए थे, लेकिन वह गांव तक नहीं पहुंचे थे। 2007 में भी मलाणा गांव पूरी तरह जलकर राख हो गया था।

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भुंतर से सड़क से मलाणा पहुंचने के लिए मुख्यमंत्री को तीन किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ा। मुख्यमंत्री पथरीले रास्ते से चलने के कारण कई जगह थक गए और पत्थर पर बैठकर आराम किया। उनके साथ शिक्षा मंत्री, विधायक सुरेंद्र शौरी, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, उपायुक्त आशुतोष गर्ग, अमित सूद, कुशाल ठाकुर और एसपी कुल्लू समेत कई लोग मौजूद रहे। तीन किमी का सफर पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री को एक घंटे का समय लगा।
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उन्होंने रास्ते में पैदल आ रहीं ग्रामीण महिलाओं और ट्रैकिंग करने आए बाहरी राज्यों के कई पर्यटकों से भी बात की। मुख्यमंत्री ने मलाणा के लिए वैकल्पिक सड़क निर्माण के लिए एक करोड़ की घोषणा की। उन्होंने लोनिवि अधिकारियों को क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए छह महीने के भीतर सड़क का काम पूरा करने के निर्देश दिए। 
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सीएम ने मलाणा गांव के 36 प्रभावित परिवारों को 1.50 लाख के स्वीकृति पत्र भी सौंपे। घोषणा की कि मनरेगा के तहत प्रत्येक प्रभावित परिवारों को 40000 हजार रुपये अलग से दिए जाएंगे। जिन परिवारों के घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं, उनमें प्रत्येक को 25000 रुपये और आंशिक रूप से नष्ट हुए मकान मालिकों को दस-दस हजार रुपये दिए जाएंगे।

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