राजनीति में रिश्ते-नाते नहीं देखे जाते हैं। पंचायत चुनाव में बेटे ने बाप के खिलाफ ताल ठोक दी है तो भतीजे ने चाचा को चुनौती दे डाली है। रिश्तों में राजनीति के खेल से चुनाव रोमांच से भर गए हैं। हिमाचल के कुल्लू की एक पंचायत में प्रधान पद के लिए दस प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें बाप-बेटा भी एक दूसरे के सामने हैं।
हालांकि, दोनों का कहना है कि उनके रिश्ते मधुर हैं और हो सकता है कि कोई नाम वापस ले ले। फिलहाल, बाप और बेटे के प्रधान पद के लिए नामांकन भरने से यहां चर्चाएं हो रही हैं। इधर, आनी खंड के जिप वार्ड कुंगश से ऐसे ही दो उम्मीदवारों ने भी नामांकन भरे हैं जो रिश्ते में चाचा और भतीजा है।
इन दोनों ने भी एक दूसरे के खिलाफ चुनावी ताल ठोकी है। बहरहाल आनी में इन दिनों सियासी हलचल तेज है। जोड़ और तोड़ का खेल भी शुरू हो चुका है। आनी में कई ऐसी भी पंचायतें हैं जहां एक पंचायत में 15 से 20 प्रत्याशी एक ही पद के लिए मैदान में हैं।
यहां मियां बीबी भी आमने सामने
यादविंद्र शर्मा/रिवालसर (मंडी)- वहीं मंडी क्षेत्र की सबसे बड़ी पंचायत लोअर रिवालसर में प्रधानी के लिए मियां-बीबी आमने-सामने है। वहीं इसी पंचायत में उपप्रधानी के लिए डोह वार्ड से बाप-बेटा भी चुनाव मैदान में उतरे हैं। राजनीति के टकराव में रिश्तों की नोकझोंक से क्षेत्र लोअर रिवालसर पंचायत में मुकाबला रोचक बन चुका है।
बल्ह विकास खंड से देवरानी-जेठानी भी जिला परिषद और पंचायत प्रधान पद पर किस्मत आजमा रही है। देवरानी-जेठानी पीएचडी धारक हैं। लोअर पंचायत में उप प्रधान के पद के लिए प्रत्याशियों की बाढ़ सी आ गई है। उप प्रधान पद के लिए 19 प्रत्याशियों ने पर्चा भर कर चुनावी अखाड़े में उतरने का मन बना लिया है। लोअर रिवालसर के वार्ड डोह से सबसे ज्यादा पांच उम्मीदवारों ने नामांकन किया है।
डोह वार्ड में बाप-बेटा भी उप प्रधान पद के चुनावी अखाड़े में आमने-सामने हैं। डोह वार्ड के अजय शर्मा अपने पिता दिवाकर शर्मा चुनाव में चुनौती दे रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर प्रधान पद के लिए मियां-बीबी भी चुनावी अखाड़े मे उतर चुके हैं। पूर्व प्रधान पदम भाटिया और उनकी पत्नी मीना ने उप प्रधान के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं।
यहां चुनाव लड़ने को ही नहीं मिला प्रत्याशी
नौहराधार (सिरमौर)-वहीं, सिरमौर जिले के हरिपुरधार क्षेत्र की टिकरी डसाकना पंचायत में पंच का चुनाव लड़ने के लिए कोई प्रत्याशी ही नहीं। पंचायत के वार्ड-5 नए रोस्टर के मुताबिक अनुसूचित जाति की महिला प्रत्याशी के आरक्षित हो गया है। वार्ड में अनुसूचित जाति से संबंधित तीन परिवार हैं। तीन परिवारों में छह महिलाएं हैं।
अजीब स्थिति यह है कि सात में एक महिला इतनी बुजुर्ग है कि चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं। एक महिला सरकारी कर्मचारी और एक महिला गांव से बाहर है, शेष तीन महिलाओं में से दो के नाम वोटर लिस्ट में ही नहीं हैं। ऐसे में इस वार्ड से मेंबर चुनाव के लिए मात्र एक ही महिला शेष रह गई थी। सुखा देवी को उम्मीदवार तैयार किया गया, लेकिन यहां भी इस परिवार की तैयारियों पर पानी फिर गया।
इस महिला का नाम वोटर लिस्ट में था लेकिन जाति प्रमाण पत्र एवं अन्य जरूरी दस्तावेज न होने से उसका नामांकन दाखिल नहीं हो सका। नतीजतन, इस वार्ड से सदस्य पद के लिए किसी भी उम्मीदवार का नामांकन दाखिल नहीं हो सका। टिकरी डसाकना पंचायत में तैनात एआरओ ने बताया कि वार्ड-5 से सदस्य पद के लिए एक भी नामांकन नहीं आया है।
यहां जो शौचालय बनवाएगा वहीं बनेगा प्रधान
बलद्वाड़ा (मंडी)- हिमाचल के मंडी स्थित बलद्वाड़ा पंचायत के लोगों ने फैसला लिया है कि सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करने वाले पंचायत प्रधान पद के प्रत्याशी को वोट देंगे। बलद्वाड़ा बाजार में टॉयलेट न होने से व्यापारियों तथा लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। बलद्वाड़ा बाजार में वर्ष 1994 से चली आ रही सार्वजनिक शौचालय की मांग अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।
हर बार चुनाव में प्रत्याशी विकास के वायदे कर वोट तो हासिल कर लेते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद वायदों पर अमल नहीं होता है। बलद्वाड़ा बाजार में आज तक सार्वजनिक शौचालय की सुविधा तक नसीब नहीं हुई है। तहसील बलद्वाड़ा में 18 पंचायतों के लोग अपने कार्य करवाने के लिए यहां पहुंचते हैँ। मगर शौचालय सुविधा न होने से उन्हें भारी दिक्कतों से दो चार होना पड़ता है।
हालांकि क्षेत्र में शौचालय निर्माण के लिए पैसे तथा सरकारी भूमि उपलब्ध है। बावजूद आज तक यहां पर शौचालय निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। व्यापार मंडल बलद्वाड़ा के प्रधान रमेश ठाकुर, कोषाध्यक्ष रूप लाल शर्मा, सचिव अश्वनी कुमार, हुकम चंद, राजेश कुमार ने बताया कि पंचायत चुनावों में इस बार उसी उम्मीदवार को समर्थन दिया जाएगा, जो बलद्वाड़ा बाजार में शौचालय निर्माण करवाएगा।