बद्दी में एक फर्जी फाइनांस कंपनी ने पहले लोगों का विश्वास जीता, उसके बाद लोगों से निवेश कराया। जब अधिक लोगों ने इस कंपनी में पैसा लगाया तो रातोंरात कंपनी ने दफ्तर बंद कर दिए। बद्दी के अलावा हिमाचल के अन्य स्थानों, पंजाब व हरियाणा में भी कंपनी की शाखाएं थीं। कंपनी के एक निदेशक को पुलिस ने पकड़ लिया है, दो की तलाश जारी है।
सहर्ष निधि योजना के तहत बद्दी में दावत चौक के समीप खुले कार्यालय के अलावा हरियाणा के कालका, चंडीगढ़, सोलन, शिमला, रामपुर, ऊना, बंगाणा समेत अन्य कई स्थानों पर शाखाएं खोली थीं। शुरू में कंपनी समय पूरा होने पर लोगों को पैसा वापस कर रही थी।
लेकिन जब बड़ी संख्या में लोगों ने देखादेखी में करोड़ों रुपये लगा दिए तो तीनों निदेशक कार्यालय बंद कर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि प्रदेश में तीन लोगों ने करोड़ों रुपयों का गोलमाल किया है। कंपनी के झांसे में अधिकतर गरीब तबके के लोग आए। कंपनी चालीस दिन तक लगातार आरडी जारी रखने पर 10,000 रुपये का लोन देने की झांसा भी देती थी।
छोटे दुकानदार और मजदूर इसका लाभ लेना चाहते थे। इसीलिए इन लोगों ने इस कंपनी में पैसा लगाया है। कंपनी के संचालकों ने कुछ उपभोक्ताओं को चेक भी दिए हैं, लेकिन बाउंस हो गए। चेक बाउंस होने के बाद जब लोग कार्यालय गए तो वहां पर ताला लगा हुआ मिला।
इनके डूबे 12 लाख रुपये
बद्दी में बलजिंद्र सिंह, रुस्तमस मुजाखिल, लाल बिहारी, ज्योदास, संतोष, सुरेंद्र, सुनील , मोनिका, बिंदरपाल, सिंह लाल, अमरपाल, जितेंद्र, मोहम्मद प्रवेश व महेश कुमार ने करीब 12 लाख रुपये लगाया था, जो अब डूब गया।
पंजाब के खरड़ से एक निदेशक अतुल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके दो साथी अभी फरार हैं, जिन्हें जल्द पकड़ लिया जाएगा।
- प्रियंक गुप्ता, डीएसपी