क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में निवेशकों को आरोपियों ने दुबई, हांगकांग और बैंकॉक की सैर भी कराई है। इन आरोपियों ने निवेशकों के 2,000 टूअर कराए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस की विशेष जांच टीम ने यह खुलासा किया है। निवेशकों के पासपोर्ट और वीजा की आरोपी खुद औपचारिकताएं पूरी करते थे। ट्रस्ट वॉलेट से आरोपियों ने दुबई में भी निवेश किया है।
चार मुख्य आरोपियों में से अकेले सुभाष शर्मा ने 500 करोड़ डकारे हैं। इस पैसे से उसने हिमाचल प्रदेश और बाहरी राज्यों में संपत्तियां बनाई हैं। ठगी करने वाले सभी आरोपी सूट-बूट में टिपटॉप रहते थे। महंगी गाड़ियों मे घूमते और लोगों के सामने दिखावा करते थे। इनके साथ सिक्योरिटी गार्ड भी रहते थे। एसआईटी प्रमुख डीआईजी अभिषेक दुल्लर की टीम 2,500 करोड़ के इस घोटाले का हर पहलू खंगाल रही है।
अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस बाहरी राज्यों में भी दबिश दे रही हैं। मुख्य आरोपी सुभाष के दुबई में कनेक्शन का भी पता लगा रही है। आशंका है कि सुभाष के साथ विदेश में बैठे कुछ आरोपी भी घोटाले में संलिप्त हैं, जो निवेशकों को विदेश भेजने में मदद करते थे। आरोपियों ने दुबई में क्रिप्टोकरेंसी की जानकारियां व प्रशिक्षण लिया था।
सुभाष के खिलाफ वारंट जारी करने की मांग करेगी एसआईटी
मंडी जिले के सरकाघाट का रहने वाला मुख्य आरोपी सुभाष दुबई में छिपा है। एसआईटी ने उसे वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की है। 28 नवंबर को एसआईटी यूएई की सक्षम अदालत से संपर्क कर आरोपी के खिलाफ वारंट जारी करने की मांग करेगी।