पर्यटन नगरी मनाली के तहत ओल्ड मनाली में फागली उत्सव का आगाज हो गया है। रविवार को मनु ऋषि के मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ उत्सव शुरू हुआ। 11 दिन तक अब गांव में फागली उत्सव की धूम रहेगी। उत्सव के दौरान ओल्ड मनाली और ढुंगरी में मिट्टी की खोदाई से संबंधित कृषि कार्य नहीं हो सकेंगे। गोशाला से गोबर भी नहीं निकाला जाएगा। गांव में 11 दिन तक जिंदा इंसानों के बाल जलाए जाएंगे।
एक-दूसरे के बालों पर चुपके से माचिस की तीली लगाई जाएगी। गौरतलब है कि समूची ऊझी घाटी में फागली उत्सव फाल्गुन माह में मनाया जाता है। मनाली गांव की फागली माघ महीने में शुरू होती है। 11 दिन तक चलने वाली फागली में हर दिन देव कार्यवाही का निर्वहन किया जाएगा। उत्सव शुरू होने के पहले बुधवार को गढ़ जाच (गढ़ नामक स्थान पर देव पूजा) मनाई जाएगी। दूसरे बुधवार को फागली उत्सव का समापन होगा।
यह है मान्यता
जनश्रुति के अनुसार बहुत समय पहले इलाके में टुंडिया राक्षस का आतंक था। उसके आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए महाऋषि मनु ने आतंक रोकने की एवज में उसे मानव के बाल की गंध सुंघाने का वचन दिया था। इसी वजह से हर साल फागली में जिंदा इंसान के बाल जलाकर उसे मानव गंध सुंघाई जाती है। मान्यता यह भी है कि टुंडिया राक्षस के आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए देवताओं ने उसे आमंत्रित किया था। सबसे पहले उसे महाऋषि मनु ने आमंत्रित किया। इस कारण उत्सव का आयोजन सबसे पहले मनाली गांव में किया जाता है। देवता मनु ऋषि, देवी हिडिंबा के कारदार रघुवीर नेगी ने बताया कि गांव में फागली उत्सव का आगाज हो गया है।