वार्ड के कार्यों में भेदभाव का लगाया आरोप
बोले, मेयर और डिप्टी मेयर नहीं कर रहे सहयोग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चुनावी साल में भाजपा पार्षदों में चल रही खींचतान एक बार फिर सामने आ गई है। नगर निगम के पूर्व उपमहापौर एवं पंथाघाटी से भाजपा पार्षद राकेश शर्मा ने निगम प्रशासन पर जानबूझकर वार्ड के काम लटकाने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है।
पूर्व उप महापौर ने संगठन पदाधिकारियों को भी इस बारे में शिकायत दी है। अब शहरी विकास मंत्री को भी शिकायत देने की तैयारी है। राकेश शर्मा ने कहा कि उनकी 35 से ज्यादा फाइलें अफसरों ने दबा रखी हैं। इस बारे में मेयर और डिप्टी मेयर को भी बताया था लेकिन इन्होंने सहयोग नहीं किया। जीवणू कालोनी में वार्ड दफ्तर बनाने की अफसरों ने सदन में तो हामी भरी लेकिन बाद में मुकर गए।
लोअर पंथाघाटी में शौचालय बनाने के लिए फंड न होने का बहाना लगाते हैं। आईएएस कालोनी के पास पार्क बनना था लेकिन दिसंबर से काम लटका है। शिव मंदिर के पास रेन शेल्टर का काम एनओसी के बहाने लटका दिया है। पंथाघाटी में फ्लाईओवर की योजना थी लेकिन काम नहीं हुआ। निगम उनके वार्ड में लाइटें तक ठीक नहीं करवाता। शहरी विकास विभाग के सचिव को जब पत्र दिए तब जाकर लाइटें लग पाईं।
राकेश शर्मा के बूते सत्ता में आई थी भाजपा
साल 2017 में हुए नगर निगम चुनाव में पंथाघाटी से आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने वाले राकेश शर्मा की जीत के बलबूते ही भाजपा पहली बार निगम की सत्ता पर काबिज हो पाई थी। कुल 34 सीटों वाले निगम में भाजपा ने 17 सीटें जीती थीं। बहुमत के लिए एक पार्षद कम था। सत्ताधारी कांग्रेस ने कई आजाद पार्षदों को अपने पाले में ले लिया। इसके बाद भाजपा को समर्थन देने के लिए पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पंथाघाटी पहुंचा था। समर्थन देने के एवज में राकेश शर्मा को डिप्टी मेयर का पद ऑफर किया। राकेश शर्मा ने भाजपा को चुना और डिप्टी मेयर बन गए।