हिमाचल बिजली बोर्ड (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हिमाचल प्रदेश में जल्द ही ऊर्जा प्रबंधन केंद्र के माध्यम से बाहरी राज्यों को बिजली बेचने का काम शुरू हो जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल के आदेशानुसार ऊर्जा निदेशालय के साथ ही नये केंद्र को स्थापित करने का काम शुरू हो गया है। केंद्र के माध्यम से प्रदेश सरकार के हिस्से सहित ऊर्जा निदेशालय, पॉवर कारपोरेशन और बोर्ड की ओर से बेची जाने वाली बिजली के काम को एक छत्त के तहत लाया जाएगा।
प्रदेश से सालाना 1500 करोड़ रुपये की बिजली बेची जाती है। एक एजेंसी के माध्यम से बिजली बेचने से राज्य सरकार को आय में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके चलते ही ऊर्जा प्रबंधन केंद्र की स्थापना की जा रही है। बिजली को बेचने की दरें अब रोजाना ट्रेडिंग के माध्यम से तय होती है। बाजार में बिजली की मांग के अनुसार ही दरे तय होती हैं। हिमाचल को इस वर्ष गर्मियों के सीजन में प्रति यूनिट अधिकतम 9.50 रुपये तक बिजली के दाम मिले हैं। औसतन चार से पांच रुपये के बीच ही बिजली की प्रति यूनिट दर रहती है।