उधर, राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने बताया कि मुख्याध्यापक व प्रवक्ता के प्रिंसिपल बनने के लिए संशोधित किए जा रहे कोटे को लेकर शिक्षा निदेशक से उनकी बात हुई थी। उनके संघ को बैठक में न बुलाने को लेकर आपत्ति जताई गई। निदेशक ने राजकीय अध्यापक संघ से भी बैठक करने का आश्वासन उन्हें दिया। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन में ऑटो रिकार्डर लगा है। संघ के सदस्यों को निदेशक द्वारा दिए गए आश्वासन को उन्होंने सुनाया था। यह ऑडियो वायरल कैसे हुआ, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
स्कूल प्रवक्ता संघ ने की मामले की निंदा
प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने शिक्षक संघ के नेता द्वारा उच्च शिक्षा निदेशक के साथ मोबाइल फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग कर उसकी ऑडियो वायरल करने की कड़ी निंदा की है। संघ के अध्यक्ष केसर सिंह ठाकुर, चेयरमैन विनोद बन्याल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. प्रदीप शर्मा, संजीव ठाकुर, मुख्य संगठन सचिव राजेश सैनी, प्रेस सचिव प्रेम शर्मा, वित्त सचिव धीरज व्यास, उपाध्यक्ष विकास रत्तन, सह सचिव देवेंद्र कुमार सहित कई जिला अध्यक्षों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से शिक्षक संगठनों की गरिमा को ठेस पहुंच रही है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक संघ का है यह नेता अपने संघ के चुनाव में अपनी जमीन खिसकती देख इस तरह के कार्य कर रहे हैं।