शिक्षा विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। बारहवीं विधानसभा के नवें सत्र (मानसून सत्र) के चलते 17 से 31 अगस्त तक छुट्टियां नहीं मिलेंगी। उच्च शिक्षा निदेशक ने इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। मानसून सत्र के चलते विभाग के अधिकारियों और क्लैरिकल स्टाफ को रविवार सहित अन्य छुट्टियों के दौरान भी बुलाया जा सकता है। बुधवार को विभाग ने संबंधित अधिकारियों को इस बाबत अवगत करवा दिया है।
शिक्षा निदेशालय ने अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि मानसून सत्र के दौरान विभाग से संबंधित सभी प्रश्नों के जवाब मुख्यमंत्री को दिखाए जाने हैं। ऐसे में वीरवार तक जवाब विभाग को सौंपे जाएं। विस्तार से जवाब बाद में दिए जा सकते हैं। अभी संक्षेप में जानकारियां उपलब्ध करवानी होंगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा के आदेशानुसार निदेशक उच्च शिक्षा ने संबंधित अधिकारियों को इस मामले को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा है।
इनकी छुट्टियां रद्द
अतिरिक्त निदेशक प्रशासन, कॉलेज, स्कूल उच्च शिक्षा, संयुक्त निदेशक कॉलेज, संयुक्त निदेशक फाइनेंस एंड अकाउंट, सह निदेशक उच्च निदेशक, उच्च शिक्षा के सभी उपनिदेशक, सभी सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल, कमांडर एनसीसी और चीफ लाइब्रेरियन सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी सोलन की छुट्टियां रद्द करने के आदेश दिए हैं। इन अधिकारियों के तहत काम करने वाले स्टाफ को भी छुट्टियां नहीं मिलेंगी।
यह जानकारी मांगी- विभाग में विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों के कितने पद सृजित हैं, कितने पद रिक्त हैं। जनवरी 2008 से दिसंबर 2012 और जनवरी 2013 से 31 जुलाई, 2015 तक कितने नए पद भरे गए। निदेशालय के अधिकारियों ने कितने स्कूलों, कॉलेजों का निरीक्षण किया।
इन सभी प्रश्नों के सामान्य क्षेत्रों, जनजातीय क्षेत्रों और दुर्गम क्षेत्रों का रिकॉर्ड अलग-अलग देना होगा। 2008 से 2012 और जनवरी 2013 से 31 जुलाई, 2015 तक कितने स्थानांतरण किए गए। कितनी पदोन्नितियां हुईं। कितने कर्मियों को नियमित किया गया। कितने अनुबंध पर हैं। आईटी का स्कूलों में क्या स्टेटस है। कितने नए स्कूल और कॉलेज खोले गए।