केएनएच में गेट मीटिंग कर सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने का किया आग्रह, कर्मचारी बोले-महिलाओं को खतरे में डाल रही है सरकार
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डेढ़ से दो बजे तक काले बिल्ले लगा जाया विरोध
सभी वर्गों के कर्मचारियों की बैठक बुलाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो शिमला। राज्य स्तरीय कमला नेहरू मातृ एवं शिशु अस्पताल (केएनएच) से गायनी विभाग की ओपीडी और वार्ड आईजीएमसी शिफ्ट किए जाने के विरोध में केएनएच कर्मचारी संघ और चिकित्सक भी उतर आए हैं। अस्पताल के हर वर्ग के स्टाफ ने बुधवार को अस्पताल परिसर में डेढ़ से दो बजे तक एकत्र होकर गेट मीटिंग की और काले बिल्ले तथा रिबन लगाकर अपना विरोध दर्ज करवाया।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की केएनएच इकाई के अध्यक्ष मनोज शर्मा की अगुवाई में हुई इस गेट मीटिंग में सेमडीकोट, आरडीए, चतुर्थ श्रेणी, आउटसोर्स कर्मचारी और हर वर्ग के कर्मचारियों ने भाग लिया। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मनोज शर्मा ने कहा कि एक ओर सरकार महिला सशक्तीकरण की बात कर रही है वहीं दूसरी ओर महिलाओं को केएनएच में मिल रही सुविधाओं को दो अस्पतालों में बांट दिया है। गायनी विभाग और ओपीडी को आईजीएमसी शिफ्ट कर महिलाओं को खतरे में डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि गायनी विभाग ओबीजी का अभिन्न अंग है, इसे 16 अप्रैल को आईजीएमसी शिफ्ट कर दिया गया। मुख्यमंत्री रोबोटिक सर्जरी की बात कर रहे हैं लेकिन गरीब परिवार यह सुविधा नहीं उठा सकता। केएनएच में पहले से महिला संबंधित रोगों की बेहतरीन सुविधाओं के साथ रोबोटिक सर्जरी उपलब्ध है। आईजीएमसी में गायनी विभाग शिफ्ट करने से महिला रोगियों को टेस्ट करवाने के लिए भी लंबी लाइनों में खड़े होना पड़ रहा है। केएनएच में महिलाओं, नवजातों, शिशुओं के लिए विशेषज्ञ स्टाफ, हर तरह के टेस्ट की सुविधा एक छत के नीचे उपलब्ध है।
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कर्मचारियों ने मांग की कि इस मामले को लेकर सभी वर्ग के कर्मचारियों, चिकित्सक संघ प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई जाए। सरकार उनकी समस्याएं सुनें और उसके बाद फैसले पर पुनर्विचार करके फैसला लें। अस्पताल को दो जगह चलाने से मेडिकल प्रशिक्षुओं को समस्याएं पेश आ रही हैं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइडलाइन में भी गायनी, प्रसूता और नवजात की देखभाल तथा उपचार की सुविधा एक ही जगह उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। गेट मीटिंग में कर्मचारी संघ की ओर से ओम प्रकाश, संजय, राजू, नर्सिंग एसोसिएशन से पूनम सूद के अलावा सेमडीकोट के सदस्य और अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सक प्रो. निशी सूद, डाॅ. सुभाष चौहान सहित आरडीए के सदस्य चिकित्सक मौजूद रहे।
एक छत के नीचे मिलेंगी बेहतर सुविधाएं : डॉ. निशी सूद
सेमडीकोट की सदस्य एवं विशेषज्ञ चिकित्सक डाॅ. निशी सूद ने कहा कि आमतौर पर महिला ओबीजी, प्रसूता और गायनी विभाग एक साथ ही हर जगह संचालित किए जाते हैं। इनके अलग-अलग अस्पताल में संचालित करने से समस्याएं पेश आ सकती हैं। एक छत के नीचे स्वास्थ्य सेवाएं, हेल्थ केयर मरीज का उपचार बेहतर होगा। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस फैसले पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेंगे और इस महिला अस्पताल के विस्तार के लिए कार्य करेंगे। यहां आईवीएफ सेंटर, रिपोर्टिंग सेंटर और एन्कालोजी सेंटर की सुविधा शुरू करेंगे। अस्पताल में विस्तार के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है।
दो अस्पतालों में काम करना मुश्किल : नीलम
हेल्थ केयर सुपरवाइजर नीलम ठाकुर ने कहा कि गायनी विभाग के शिफ्ट होने से आउटसोर्स कर्मचारियों को दो अस्पतालों में काम करना पड़ रहा है। 12 हजार रुपये की तनख्वाह में दो-दो अस्पतालों में काम करना संभव नहीं है। महिला कर्मचारियों को रात आठ बजे ड्यूटी ऑफ होने पर आईजीएमसी से घर पहुंचना मुश्किल होता है। इससे पूरे प्रदेश से आए मरीज भी परेशान हो रहे हैं। कमला नेहरू अस्पताल से गायनी विभाग शिफ्ट न किया जाए, इसे यहीं पर चलाया जाए। इसलिए फैसला वापस होना चाहिए।