प्रदेश के इकलौते महिला अस्पताल केएनएच में कमीशन के खेल पर जांच बैठने पर रेजीडेंट डाक्टरों ने मोर्चा खोल दिया है।
आईजीएमसी रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन ने दोटूक कहा कि यदि किसी रेजीडेंट डाक्टर के खिलाफ जांच हुई तो आंदोलन किया जाएगा। इस तरह के मामलों से डाक्टरों का मनोबल गिरता है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. राजीव चौहान ने कहा कि रेजिडेंट डाक्टर 36-36 घंटे ड्यूटी दे रहे हैं। कई बार आपात स्थिति में अस्पताल में टेस्ट न होने के कारण मरीज को बाहर से टेस्ट करने के लिए कहा जाता है।
मरीज जहां मरजी से टेस्ट करवा कर आए, इससे रेजीडेंट डाक्टर का कोई लेना देना नहीं होता। निजी लैबों में मनमानी टेस्ट फीस ली जा रही है। इस पर सरकार नियंत्रण करे और संबंधित एजेंसी निगरानी रखे।
दो हफ्ते में आएगी जांच की रिपोर्ट
अस्पताल में मरीज को निजी लैब में भेजने के मामले में जांच कमेटी दो हफ्ते के भीतर अस्पताल प्रबंधन को रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी जांच के दायरे में आए डाक्टरों से पूछताछ करेगी और उनके बयान लेगी।
इसके अलावा संबंधित मरीज और तीमारदारों के भी बयान होंगे। जांच टीम ने वह दस्तावेज हासिल कर लिए हैं जिसमें मरीज को प्राइवेट लैब में भेजे जाने का जिक्र किया गया है।