वर्ष 1993 में विश्व की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट को फतेह कर चुकी भारत की 11 सदस्यीय इंडो-नेपाल ट्रैकिंग एक्सपिडीशन महिलाओं का दल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलकर नेपाल खूमजंग के लिए रवाना हो गया है। इस अभियान में देश की सबसे कम उम्र की एवरेस्ट विजेता मनाली की डिक्की डोलमा सहित राधा देवी और राजीव शर्मा भी शामिल हैं।
यह एवरेस्ट विजेता महिलाएं अपने सात दिवसीय ट्रैकिंग का अभियान की शुरुआत नेपाल के लुकला से कर 19 अप्रैल को खूमजंग पहुंचेंगी। एक दिन और ठहर कर 23 अप्रैल को लुकला लौटेंगी। अमर उजाला से विशेष बातचीत में डिक्की डोलमा ने कहा कि वर्ष 1993 में उनकी साथी महिलाओं और अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण खेल संस्थान के पूर्व उपनिदेशक एवरेस्ट विजेता राजीव शर्मा भी इस अभियान में उनके साथ हैं।
अपनी सिल्वर जुबली मना रही एवरेस्ट विजेता महिलाएं 12 अप्रैल को भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति भवन में मिलीं। राष्ट्रपति ने अभियान के लिए महिलाओं को अपनी शुभकामनाएं और कहा कि दोनों देशों के रिश्ते इससे और अधिक मजबूत होंगे। कहा कि आज के दौर में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। युवा पीढ़ी को इससे प्ररेणा मिलेगी।
अभियान की लीडर हैं वछिंद्री
वरिष्ठ पर्वतारोही और एवरेस्ट विजेता वछिंद्री पाल इस अभियान की लीडर हैं। चंद्र प्रभा अटवाल, सुमन कुटियाल डटल, नीमी शेरपा, सविता धापाल, हर्षा रावत, डिक्की डोलमा , संतोष यादव , गुरूमयूम, अनिता देवी, रीता शरद सिंह, चेतना सूद, राधा देवी, शामाला पद्मनाभम, राजीव शर्मा दल के सदस्य हैं।
एवरेस्टर राधा देवी ने कहा कि 25 वर्षो के बाद सभी एवरेस्ट विजेता महिलाएं मिलकर इस ट्रैकिंग रूट पर निकलेंगी। भारत-नेपाल की महिलाओं द्वारा मिलकर ही अभियान को अंजाम दिया जा रहा है तथा दोनों के रिश्ते इस अभियान से और भी सुदृढ़ होंगे।