कोच अनूप सिंह राणा के हाथों में बेलचा
- फोटो : अमर उजाला
आठ बार नेशनल खेलने वाले एनआईएस पटियाला के कोच अनूप सिंह राणा की अनदेखी पर देरी से ही सही पर खेल विभाग अब हरकत में आया है। खेल निदेशालय शिमला ने प्रदेश के नामी खिलाड़ियों की सूची के अवलोकन प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्पोर्ट्स कोटे से भरे जाने वाले पदों को लेकर भी विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
खेल मंत्री ने भी इस पर गंभीरता दिखाते हुए कहा कि अगर यह राष्ट्रीय खिलाड़ी सभी पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं तो उन्हें उनका हक दिलाया जाएगा। अमर उजाला ने 28 सितंबर के अंक में आठ बार के नेशनल खेलने वाले एनआईएस पटियाला के कोच के हाथों में बेलचा शीर्षक से राष्ट्रीय खिलाड़ी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। खबर छपने के बाद खेल निदेशालय हरकत में आ गया है।
सोमवार सुबह खेल निदेशालय के अधिकारियों ने अनूप सिंह राणा से दूरभाष से संपर्क कर उनसे जरूरी जानकारी जुटाई। एनआईएस पटियाला से प्रशिक्षित एथलेटिक्स कोच अनूप सिंह राणा 8 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
अब तक सैकड़ों खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे चुके हैं। 2006 में खेल विभाग में आरक्षण कोटे में पंजीकरण करवाया था। 14 साल के बाद भी इन्हें नौकरी नहीं मिली है। अनूप सिंह राणा ने कहा कि सोमवार को सुबह उन्हें शिमला खेल निदेशालय से वरिष्ठ अधिकारी का फोन आया। निदेशायलय के अधिकारी ने जानकारी मांगी है, जिसे दे दिया गया है।
मीडिया के माध्यम से नेशनल खिलाड़ी अनूप सिंह राणा के बारे में जानकारी मिली है। इस बारे में निदेशालय को सही जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। अगर वह सभी पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं तो खेल कोटे में नौकरी देने पर विचार किया जाएगा।
-राकेश पठानिया, खेल मंत्री।