स्वास्थ्य सचिव एम सुधा ने बताया कि बीमारी को लेकर अलर्ट किया गया है। निमोनिया, डायरिया और डेंगू के मामलों की रिपोर्ट प्रतिदिन मांगी जाती है। अस्पतालों में बीमारियों से निपटने के प्रर्याप्त इंतजाम हैं।
हिमाचल प्रदेश में डेंगू के मामलों बढ़ रहे हैं। हिमाचल के मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में प्रतिदिन इसके मामले आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी को लेकर एडवाइजरी जारी की है। अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों के टेस्ट करने को कहा है। डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी मच्छर के काटने से होती है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू का मच्छर होता है। इसके काटने से तेज बुखार आता है। बीमारी के प्रति लापरवाही बरतने पर मरीज की मौत भी हो सकती है। डॉक्टर ने तेज बुखार होने पर अस्पताल जाने की सलाह दी है। तीन चार दिनों के भीतर मरीज ठीक हो जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिलों में आने वाले बुखार के मरीजों पर नजर रखने को कहा है। डेंगू से संबंधित लक्षण होने पर मरीजों को टेस्ट करवाने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा ने बताया कि बीमारी को लेकर अलर्ट किया गया है। निमोनिया, डायरिया और डेंगू के मामलों की रिपोर्ट प्रतिदिन मांगी जाती है। अस्पतालों में बीमारियों से निपटने के प्रर्याप्त इंतजाम हैं।
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डेंगू के लक्षण
- मरीज को अचानक तेज बुखार
- सिर, आंखों के पीछे, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, थकान, उल्टी आना
- शरीर पर लाल दाने होना डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं
ऐसे करें बचाव
डेंगू मच्छरों के काटने से फैलता है और डेंगू के अधिकतर मामले शहरी क्षेत्रों में पाए जाते हैं। अपने घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें। पानी जमा न होने देना। घरों के आसपास मच्छर न पनपने दें।