हिमाचल हाईकोर्ट ने एसएमसी शिक्षकों की भर्ती के खिलाफ दायर याचिका में सभी पक्षों की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर व न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार सरकार स्टॉप गैप अरेंजमेंट के नाम पर एसएमसी भर्तियां करने जा रही है एवं एसएमसी शिक्षकों की नियुक्ति गैरकानूनी है।
प्रार्थियों की दलील है कि एसएमसी शिक्षकों की भर्तियां भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के विपरीत है। इससे सभी को समान अवसर जैसे मौलिक अधिकार का उल्लंघन हो रहा है। यह भर्तियां शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के भी विपरीत है। दूसरी तरफ एसएमसी अध्यापकों कहना है कि वे वर्ष 2012 से हिमाचल के अति दुर्गम क्षेत्रों में बिना किसी रुकावट के सेवाएं दे रहे हैं और उनका चयन प्रदेश सरकार द्वारा नियमों के तहत किया गया है।