सेब सीजन के दौरान सड़कों को लेकर होने वाली परेशानी पर इस बार डीसी शिमला दिनेश मल्होत्रा खुद काफी गंभीर लग रहे हैं। उन्होंने दावा है कि 15 जुलाई से पहले जिले में सभी सड़कें दुरुस्त कर दी जाएंगी।
डीसी ने कहा कि यदि ऐसा नहीं कर पाया तो वे नौकरी छोड़ दूंगा। साथ ही 24 घंटे फोन सुनने के भी दावे किए ताकि लोगों की समस्याओं का तुरंत निदान हो सके।
सेब सीजन की तैयारियों को लेकर बचत भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में डीसी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मुख्य व संपर्क सड़कें दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
डीसी ने दिखाई गंभीरता, बागवानों से किया वायदा
उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा ने बागवानों की हर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ‘मेरा मोबाइल नंबर नोट कर लो, 94180-77244, दिन और रात 24 घंटे में फोन सुनूंगा।
सुबह 10 से 5 बजे तक दफ्तर के नंबर 0177-2655988 पर भी बागवान मुझे अपनी समस्याएं बताएं। ’उधर, ठियोग-हाटकोटी सड़क की खस्ताहालत को लेकर जब बागवानों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर की तो उपायुक्त ने दावा किया कि अगले साल तक अगर यह सड़क पक्की नहीं हुई तो वे नौकरी छोड़ देंगे।
उन्होंने बागवानों को जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कार्य पूरा करने का भरोसा दिलाया। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त शिमला यूनुस, अतिरिक्त दंडाधिकारी डीके रतन, अतिरिक्त दंडाधिकारी नीरज कुमार, एसपी शिमला अभिषेक दुल्लर आदि उपस्थित रहे।
इस बार सेब के कम उत्पादन का अनुमान
उपायुक्त ने बताया कि बीते साल के मुकाबले इस सीजन में सेब की फसल करीब आधी है। बीते साल 2 करोड़ 65 लाख पेटी सेब उत्पादन हुआ था जबकि इस सीजन में 1 करोड़ 82 लाख पेटी सेब उत्पादन का अनुमान है।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को 15 जुलाई से पहले सभी सड़कें दुरुस्त करने के निर्देश दिए। बारिश और अन्य कारणों से सड़कें अवरुद्ध न हों इसके लिए पुख्ता बंदोबस्त किए जाएंगे।
चिह्नित स्थानों पर आवश्यक मशीनरी तैनात की जाएगी। ट्रैफिक जाम की समस्या हल करने के लिए बीते साल की तरह खड़ापत्थर, फागू और छराबड़ा में ट्रैफिक कंट्रोल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बागवानों से किसी तरह की लूट खसोट न हो इसके लिए प्रति पेटी सेब ढुलाई की दरें तय की जाएंगी।