हिमाचल में विधानसभा चुनाव की तारीख मौसम का ट्रेंड तय करेगा। चुनाव आयोग बीते पांच साल के मौसम का अध्ययन करने में जुट गया है। आयोग ने मौसम विभाग से अक्तूबर से दिसंबर तक का पूरा डाटा मांगा है। इसी को आधार बनाकर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीख तय की जाएगी।
आमतौर पर सूबे के दुर्गम क्षेत्रों में नवंबर दूसरे हफ्ते में बर्फबारी होती है। 15 नवंबर से रोहतांग दर्रे से यातायात को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया जाता है। भरमौर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कांगड़ा के बड़ा भंगाल सहित नौहराधार और डोडरा क्वार में नवंबर के पहले हफ्ते से बर्फबारी शुरू हो जाती है।
दूसरे हफ्ते तक बर्फबारी का पैमाना बढ़ जाता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक दुर्गम क्षेत्रों में दस नवंबर के आसपास अमूमन मौसम खराब होना शुरू होता है। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में दिसंबर के पहले हफ्ते से बर्फबारी का क्रम शुरू होता है।
अक्तूबर और नवंबर महीने को पोस्ट मानसून सीजन कहा जाता है। इस दौरान कई जिलों में सामान्य बारिश होती है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी होती है। मौसम के इस ट्रेंड को देखते हुए संभावित है कि नवंबर महीने के पहले हफ्ते में प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं।
हिमाचल का हिक्किम है दुनिया का सबसे ऊंचा पोलिंग बूथ
लाहौल स्पीति जिले के काजा स्थित हिक्किम दुनिया का सबसे ऊंचा पोलिंग बूथ है। यह बूथ 15 हजार फीट ऊंचाई पर स्थित है। इसके तहत तीन गांव कोमिक, हिक्किम और लंगछे आते हैं। इन गांवों में लगभग साढ़े तीन सौ के आसपास मतदाता हैं। यहां ज्यादातर बौद्ध धर्म से जुड़े लोग रहते हैं। यहां गर्मियों में भी तापमान -5 डिग्री सेल्सियस तक रहता है जबकि सर्दियों में पारा -40 डिग्री तक पहुंच जाता है। बर्फ के कारण यह गांव छह महीने देश और दुनिया से कटे रहते हैं। इस पोलिंग बूथ पर ईवीएम हेलीकॉप्टर से पहुंचाई जाती हैं।