मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह केबिनेट ने भले ही विधायकों को पट्टे पर जमीन देने की मंजूरी दी है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल ने सरकार के इस फैसले को गलत करार दिया है। धूमल ने कहा है कि भूमिहीनों की बजाए विधायकों को कई बीघा जमीन देना गलत है।
उन्होंने मंगलवार को हमीरपुर में जारी बयान में कहा कि सरकार भूमिहीनों और आवासहीनों को जमीन देने का चुनावी वायदा भूल गई है। पांच साल तक जनता सरकार से जमीन की गुहार लगाती रही, लेकिन अब सरकार उनकी अनदेखी कर विधायकों को जमीन देने की बात कर रही है, जो कि निंदनीय है।
उन्होंने सरकार के निर्णय को विधायकों और पूर्व विधायकों की छवि खराब करने वाला और अपमानित करने वाला बताया। धूमल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार पर आचार संहिता से पूर्व बौलाहट में अनाप शनाप घोषणाएं कर रही है। कैबिनेट के निर्णयों का जनता में मजाक बन रहा है।
धूमल ने आरोप लगाया कि मंत्रिमंडल की बैठक से पहले कई वरिष्ठ अधिकारी छुट्टी पर जा रहे हैं, क्योंकि अधिकारी भी जानते है कि सरकार गलत निर्णय लेने में डटी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का विधायकों और पूर्व विधायकों को पट्टे पर जमीन देने का निर्णय मजाक बन रहा हैं।