प्रदेश सरकार ने सस्ते राशन के डिपुओं में मिलने वाला चावल और आटे के कोटे में कटौती कर दी है। इस महीने उपभोक्ताओं को प्रति राशन कार्ड 14 किलोग्राम आटा और 6 किलोग्राम चावल मिलेगा। बीते महीने जून में उपभोक्ताओं को 15 किलो आटा और 7 किलोग्राम चावल मिला था। प्रदेश सरकार ने तय किए गए कोटे को लेकर जिला खाद्य नियंत्रक अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं।
प्रदेश में 18 लाख राशनकार्ड धारक परिवार हैं। इसमें एपीएल परिवारों की संख्या साढ़े बारह लाख और साढ़े पांच लाख के करीब अंत्योदय और बीपीएल परिवार हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उपभोक्ताओं को सस्ता राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
खाद्य आपूर्ति निगम के मुताबिक बीपीएल और अंत्योदय परिवारों को पहले की तरह राशन मिलता रहेगा। इस बार एपीएल परिवार को पहले की अपेक्षा आटा और चावल एक-एक किलो कम मिलेगा।
हिमाचल के गोदामों में दालों और तेल की सप्लाई आना शुरू हो गई है। इस बार उपभोक्ताओं को दाल चना, काबुली चना और काला मसर दिया जा रहा है। इसके अलावा सरसों तेल के बजाय अब उपभोक्ताओं को रिफाइंड दिया जा रहा है।
दालों के टेंडर में हुई देरी के चलते लोगों को न तो रिफाइंड मिल पाया और न ही दालें। प्रदेश सरकार ने जून महीने में मिलने वाली दालें और रिफाइंड का कोटा जुलाई महीने में देने का फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने जिला खाद्य नियंत्रक अधिकारियों को इस बारे आदेश जारी किए हैं।
खाद्य आपूर्ति विभाग के निदेशक प्रियतू मंडल ने बताया कि इस महीने उपभोक्ताओं को चौदह किलो आटा और छह किलो चावल दिया जाएगा। डीएफसी को इस बारे में निर्देश जारी कर दिए हैं।