उपनगर घणाहट्टी के समीप भगवती मंदिर शल्होग-टिकरी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत समापन हो गया। इसमें बलाऊ के आचार्य पवन शर्मा ने पहली बार कथा वाचन किया। इस दौरान कथा काे सुनने भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
कथा के अंतिम दिन कथावाचक ने श्रीमद्भागवत कथा की महिमा का विस्तारपूर्वक व्याख्यान किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा हमें सत्य आैर अहिंसा पर चलने की प्रेरणा देता है। इसके अलावा यह हमें धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित भी करता है। आचार्य पवन श्ार्मा ने कहा कि अधर्म पर सदैव ही धर्म की जीत हुई है।
उन्होंने कहा कि राजाओं ने अधर्म के मार्ग को अपनाया जिससे उनको पराजित होना पड़ा। उन्होंने भगवान विष्णु के दशावतार की कथा का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब भी अधर्म ने अपनी बाहें फैलाई हैं, तब-तब भगवान ने अलग-अलग रूपों में अवतार लेकर दुष्टों का संहार किया है।